आगरालीक्स…व्हाट्सएप पर कलमा पढ़वाया और रीना से नाम बदलकर कर दिया मरियम…आगरा अवैध धर्मांतरण केस में एक और युवती कराई मुक्त. चौंकाने वाला खुलासा…जानें युवती को कैसे फंसाया
आगरा के सदर कारोबारी की दो लापता बेटियों की तलाश से खुले अवैध धर्मांतरण के मामले में आगरा पुलिस हर दिन नये खुलासे कर रही हैं. अवैध धर्मांतरण या जबरन धर्म परिवर्तन करने वाले गैंग के 14 सदयों सदस्यों को आगरा पुलिस ने देश के अलग—अलग छह राज्यों से अरेस्ट किया है. इनमें अवैध धर्मांतरण गैंग के मुख्य सरगना के बाद उसके दो बेटे सहित तीन अभियुक्त भी गिरफ्तार किए गए हैं. इन तीनों तीनों अभियुक्त जुनैद कुरैशी पुत्र मोहब्बे अली निवासी दयालपुर नार्थ ईस्ट दिल्ली, अब्दुल्ला पुत्र अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल निवासी मुस्तफाबाद नार्थ ईस्ट दिल्ली एवं अब्दुल रहीम पुत्र अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल निवासी मुस्तफाबाद नार्थं ईस्ट दिल्ली से पूछताछ में कई और राज्यों की युवतियों, जिनका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराया गया था, के संबंध में जानकारी सामने आयी थी.देहरादून की युवती का कराया जबरन धर्मांतरण
इनमें से एक युवती रीना (काल्पनिक नाम) उम्र 21 वर्ष जो कि देहरादून, उत्तराखंड की रहने वाली है, के आज कोर्ट में 183 बीएनएसएस के अन्तर्गत बयान अंकित कराये गये हैं. रीना गोद ली हुयी बच्ची है और धर्मांतरण मामले में मुख्य गवाह भी है. रिमांड पर लिये गये अभियुक्तों व रीना से पूछताछ में सामने आया कि रीना 06 वर्ष पूर्व फेसबुक के माध्यम से मुजफ्फरनगर निवासी अब्बू तालिब से संपर्क में आयी और दोस्ती कर ली.
इसके बाद अब्बू तालिब ने रीना को फेसबुक व इंस्टाग्राम पर इस्लामिक ग्रुप - Revert to Islam" से जोड़ा जहाँ से रीना दिल्ली निवासी मुख्य अभियुक्त अब्दुल रहमान व उसके दोनों बेटे अब्दुल्ला और अब्दुल रहीम, देहरादून निवासी अब्दुर रहमान, एस. बी. कृष्णा उर्फ आयशा, रितबानिक उर्फ मौ0 इब्राहिम, व अन्य अभियुक्तों के सीधे संपर्क में आयी थी। कुछ समय पूर्व रीना का मोबाइल खराब होने पर अब्बू तालिब ने उसे नया मोबाइल दिलाया जिसके लिए पैसे आयशा ने दिये थे, अब्बू तालिब ही मोबाइल का रीचार्ज कराता था, रीना को पार्सल से कपड़े व पैसे भी देता था।
इस्लाम धर्म अपनाने के लिए कहा, नाम बदला
कुछ समय पूर्व अब्दुर रहमान (देहरादून) ने रीना से कहा कि अब हम तुम्हारी सहायता तभी करेंगे जब तुम इस्लाम धर्म अपनाकर मुझसे शादी कर लोगी जबकि अब्दुर रहमान पूर्व में ही 03 निकाह कर चुका है। ये सभी मिलकर रीना का निकाह अबुर रहमान से कराना चाहते थे इसके लिये पैसों का लालच देकर अब्बू तालिब, अब्दुर रहमान (देहरादून), अब्दुल रहमान (दिल्ली ) और आयशा ने रीना पर दबाव बनाकर व्हाट्सएप के माध्यम से कलमा पढ़वाया और उसका नाम बदलकर मुस्लिम नाम “मरियम" रख दिया।
इसके उपरांत मरियम को देहरादून से निकाल कर सेफ हाउस ले जाने के लिये वहीं के स्थानीय निवासी मुस्लिम चालक को गाड़ी अरेंज कर तैयार कर लिया और रीना को कहा गया कि तुम जैसे ही घर से निकलोगी तो गाड़ी में बैठने से पहले अपने मोबाइल और सिम को तोड़कर फेंक देना, लेकिन आगरा पुलिस की टीमों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समय रहते रीना को रेस्क्यू कर, बचा लिया गया. पीड़िता के द्वारा और भी कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग/जानकारियाँ दी गयी हैं, जिनकी गहन जाँच हेतु आगरा की पुलिस टीमें राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखण्ड एवं महाराष्ट्र गयी हुयी हैं।