आगरालीक्स…आगरा रीजन में दिल दहला देने वाले हादसे में एक महिला ने अपनी दो बेटी और दो बेटों की हत्या कर खुद सुसाइड कर लिया। हादसे से लोगों की रूह कांप गई।
आगरा के नजदीक फरह ब्लाक के गांव बिरोना निवासी देवकीनंदन उर्फ बंटू मजदूरी करता है। वह परिवार से अलग एक छोटा सा मकान बनाकर अपनी पत्नी शारदा (35) और चार बच्चों अंजली (8), रौनक (6), प्रिया (5) और विनीत (3) के साथ रहता था। रविवार सुबह देवकीनंदन पड़ोस के गांव में मजदूरी करने गया था। शाम को पडोसियों ने देखा तो कमरे में चारपाई पर बच्चों के शव पडे हुए थे और शारदा कमरे में पंखे के हुक से बंधी रस्सी से लटकी हुई थी
आधे घंटे में पहुंचा देवकीनंदन
पडोसियों ने देवकीनंदन को फोन किया, इसके बाद वह आधे घंटे में घर पहुंचा। बच्चों और पत्नी का शव देखकर वह फूट फूट कर रोने लगा।
आर्थिक तंगी और सूदखोरों से परेशान
बताया जा रहा है कि देवकीनंदन गरीब था, मजदूरी से पत्नी और बच्चों का पालन नहीं कर पा रहा था। उसने लोगों से कर्जा लिया था, सूदखोर उससे ब्याजा मांगते थे, इससे भी वह परेशान था। उसकी पत्नी के पेट में डॉक्टरों ने पथरी बताई थी, उसके आॅपरेशन के लिए 30 हजार रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा था, इससे भी वह परेशान था। एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि शारदा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
मां और दो बच्चों की हत्या
मथुरा के औरंगाबाद क्षेत्र की गणेशपुरम कॉलोनी में शनिवार-रविवार रात घर में सोते मां और दो बेटों की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस वारदात में मृतकों के पास सो रही एक बच्ची ही केवल जीवित बच सकी। हत्या की इस घटना के बाद मृत महिला का पति फरार है। महिला और दोनों बेटों की हत्या का शक पति पर ही जताया जा रहा है।
मूलरूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली महिला शशि उम्र 35 वर्ष के पहले पति से दो बेटे जयकिशन (15 वर्ष) और नीरज (07 वर्ष) थे। महिला ने मूलरूप से इगलास के निवासी बाबूलाल के साथ दूसरी शादी की थी। शशि और बाबूलाल दोनों मजदूरी करते थे। बड़ा बेटा जयकिशन टैम्पो चलाता था। बाबूलाल और शशि की एक छोटी बेटी सरस्वती है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी में आए दिन घरेलू विवाद होता रहता था।