आगरालीक्स…आगरा में अब बिना शासन—प्रशासन की अनुमति के नहीं लगेगी महापुरुषों की प्रतिमा. पुलिस आयुक्त ने दिए आदेश. अनुमति लेने के लिए करना होगा ये काम
आगरा के रुनकता में महाराणा प्रताप के नाम वाले बोर्ड हटाने पर बवाल के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने तीनों जोन के डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर महापुरुषों की प्रतिमा लगाने और धार्मिक स्थल की स्थापना से पहले शासन-प्रशासन की अनुमति लेना आवश्यक है. इसके लिए थाना प्रभारी व अधिकारी लोगों को जागरूक करें. पुलिस आयुक्त ने कहा कि जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन के बाद पुलिस प्रशासन की टीम जांच करेगी. शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी. वहां से निर्देश मिलने पर कार्रवाई होगी.तनाव की पैदा हुई थी स्थिति
रुनकता के हीरालाल की प्याऊ स्थित गांव अकबरा मोड़ पर 16 अगस्त को महाराणा प्रताप के नाम और फोटो लगा बोर्ड लगा दिया गया था. इसकी जानकारी पर पुलिस पहुंची और बोर्ड बिना अनुमति लगाने पर हटा दिया. पूर्व में लगे 3 और बोर्ड भी हटा दिए गए. इससे आक्रोशित लोगों ने हीरालाल की प्याऊ स्थित अंडरपास पर हंगामा किया. तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी. बाद में प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात की थी.
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर वृक्षों, पुलों के नीचे, हाईवे किनारे स्वार्थवश मंदिर, चर्च, मस्जिद अथवा गुरुद्वारा के नाम पर अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण कर लिया जाता है. इससे आवागमन में बाधा होती है. जाम लगता है. पर्यावरण भी प्रदूषित होता है. इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट और शासन की ओर से पूर्व में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनकी जानकारी आम लोगों को न होने की वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं.
यह है अनुमति की प्रक्रिया- किसी महापुरुष की नई प्रतिमा लगाने के लिए जिलाधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
- जिलाधिकारी स्थलीय निरीक्षण कराएंगे। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- यह देखा जाएगा कि भूमि सार्वजनिक है या फिर निजी है।
- सार्वजनिक भूमि होने पर संबंधित निकाय नगर पंचायत, नगर पालिका, जिला पंचायत, ग्राम सभा की संस्तुति/अनापत्ति आवश्यक है।
- किसी व्यक्ति की भूमि है तो उसका सहमति पत्र आवश्यक। संगठन और संस्था की तरफ से भी लिखित प्रस्ताव की प्रति लगाई जाए।