आगरालीक्स…सांप ने काटा है तो अस्पताल में लेकर जाएं. सर्पदंश से मौतों का सबसे बड़ा कारण इलाज में देरी. एसएन के डॉक्टर बोले—एंटी-वेनम दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध. किया जागरूक
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन. मेडिकल कॉलेज) में आज अंतर्राष्ट्रीय सर्प दंश जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में एक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। बरसात के मौसम में सर्प दंश की बढ़ती घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु को देखते हुए, यह अभियान मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन और फॉरेंसिक मेडिसिन विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत, छात्रों ने नाट्य रूपांतरण के माध्यम से आम जनता को सर्प दंश से बचाव और इसके त्वरित उपचार के बारे में जानकारी दी।

मेडिसिन विभाग के एलटी-4 में एक कार्यशाला का भी आयोजन हुआ, जिसमें डॉ. टी.पी. सिंह, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. गीतू सिंह, डॉ. ऋचा गुप्ता ,डॉ. आशीष गौतम और डॉ. चंद्र प्रकाश जैसे विशेषज्ञ उपस्थित थे। कार्यक्रम में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ को भी
जानकारी दी गई ।इस दौरान सर्प दंश से जुड़ी जटिलताओं और उनके उपचार पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि अधिकांश मामलों में इलाज में देरी के कारण जटिलताएं पैदा होती हैं, जो अक्सर मृत्यु का कारण बन सकती हैं। डॉ. टी.पी. सिंह ने जोर देकर कहा कि अस्पतालों में सर्प दंश के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटी-वेनम दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डॉ. ऋचा गुप्ता ने सर्प दंश से बचाव और इसके मेडिको-लीगल पहलुओं पर प्रकाश डाला और बताया कि मरीजों की मेडिको-लीगल प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। डॉ. गीतू सिंह ने कहा कि यह जागरूकता पखवाड़ा 28 सितंबर तक जारी रहेगा और विभिन्न माध्यमों से लोगों को महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी।
प्रधानाचार्य, डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा, “यह अभियान समाज को सर्प दंश के प्रति शिक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य लोगों को सही जानकारी देना है ताकि वे घबराएं नहीं और समय पर उचित उपचार ले सकें, जिससे जीवन बचाया जा सके।”