आगरालीक्स…शॉकिंग, आगरा में कारगिल चौराहे से सिपाही ने किया छात्र का किडनैप. 5 लाख की फिरौती मांगी.. आरोपी पुलिसकर्मी सहित तीन अरेस्ट
आगरा में एक अचंभित करने वाली खबर सामने आई है. यूपी पुलिस के एक सिपाही ने अपने दो साथियों के साथ युवक का किडनैप किया और पांच लाख की फिरौती मांगी. परिवार के लोगों ने इसकी सूचना थाना न्यू आगरा पुलिस को दी. 24 घंटे तक आरोपी किडनैपर युवक को घूमाते रहे. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है. अपहृत युवक भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है.
मूल से पिढ़ौरा गांव का रहने वाला 18 साल का हर्षवर्धन नगला पदी में रहकर अपने भाई के साथ एसएससी की तैयारी कर रहा है.. उसके भाई कुशल सिंह ने थाना न्यू आगरा पुलिस को बताया कि उनका भाई हर्षवर्धन 22 सितंबर की रात को साढ़े 10 बजे सामान लेने के लिए बाजार गया था लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा. रातभर उसकी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला.
5 लाख की फिरौती का आया फोन
कुशल ने बताया कि रात करीब ढाई बजे हर्षवर्धन के मोबाइल से कॉल आई और इसमें फिरौती के तौर पर 20 लाख रुपये मांगे गए. किडनैप होने और फिरौती मांगे जाने पर परिजनों के होश उड़ गए. कॉल् करने वाले ने धमकी भी दी कि अगर पैसे नहीं मिले तो हर्षवर्धन को जेल भेज दिया जाएगा. घबराए परिजनों ने कुछ रकम कम करने को कहा तो बात 5 लाख पर बन गई. इसकी सूचना थाना न्यू आगरा पुलिस को दी. पुलिस ने जांच शुरू की.
सर्विलांस से पकड़े गए किडनैपर
पुलिस ने हर्षवर्धन का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिया. पुलिस ने योजना के तहत रकम लेने के लिए बुलाया. सर्विलांस की मदद से पुलिस ने पोइया घाट से तीनों को अरेस्ट कर लिया. इससे पता चला कि अपहरण की साजिश करने वाला आगरा पुलिस में तैनात सिपाही मोनू है. मोनू मूलरूप से अलीगढ़ का रहने वाला है. कुछ समय पहले उसे सस्पेंड करके पुलिस लाइन से अटैच किया गया था. 5 दिन बाद ही उसकी पोस्टिंग सैंया थाने में हुई थी.
इस तरह रची अपहरण की साजिश
मोनू को पता था कि हर्षवर्धन के पास अच्छी खासी रकम है. इसके बाद उसने अपने अलीगढ़ के रहने वालेदो अन्य साथियों राहुल और राजकुमार को बुलाया और फिर अपहरण की योजना बनाई. सिपाही सोनू और उसके दोस्तों ने हर्षबर्धन को सिकंदरा—बोदला रोड स्थित कारगिल तिराहे पर बुलाया. जैसे ही वो पहुंचा, तीनों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और अगवा कर लिया. इसके बाद उसे 24 घंटे तक घुमाते रहे. इसके बाद हर्षवर्धन के भाई को फिरौती के लिए फोन किया.
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के जरिए 23 सितंबर की शाम को पोइया घाट से तीनों को अरेस्ट कर लिया और हर्षवर्धन को सुरक्षित बरामद किया. पूछताछ में बताया कि हर्षवर्धन को आनलाइन गेम खेलने का शौक् है. इसी कारण उसके दोस्त राहुल और राजकुमार को शक हुआ कि उसने गेमिंग से करोड़ों रुपये कमा लिए हैं और दबाव बनाया जाए तो वह 5—10 लाख रुपये दे सकता है. उन्होंने सिपाही को इसकी जानकारी दी. लालच में आकर सिपाही ने दोनों के साथ मिलकर युवक का अपहरण कर साजिश रच डाली. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की तेजी से जांच कर चार्जशीट कोर्ट मेंपेश की जाएगी.