आगरालीक्स…आगरा में कल से शुरू होगी एसआईआर प्रक्रिया. कुल 3599842 वोटर्स. घर—घर जाएंगे बीएलओ. जानें क्या—क्या होगा काम
चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण कार्य चलाने का निर्णय लिया गया है. इसके तहत डुप्लीकेट, फर्जी और मृत मतदाताओं को सूची में से हटाया जाएगा. चुनाव आयोग के इसी निर्णय के तहत आगरा में भी घर—घर जाकर मतदाताओं की गणना की जाएगी और फर्जी व डुप्लीकेट वोटर्स को सूची में से हटाया जाएगा. बुधवार को जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के साथ एसआईआर के संबंध में बैठक की गई.
एक महीने तक घर—घर जाएंगे बीएलओ
04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का मतदाताओं को वितरण किया जायेगा एवं प्रपत्रों को भरवाकर प्राप्त किया जायेगा. 09 दिसम्बर, 2025 को आलेख्य/ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा. 8 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल होंगी. नोटिस जारी किये जाने, सुनवाई एवं सत्यापन व दावे और आपत्तियों का निस्तारण एवं गणना प्रपत्रों पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्णय किये जाने की अवधि 09 दिसम्बर, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक होगी. 07 फरवरी, 2026 को निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन किया जाएगा।
आगरा में 3599842 मतदाता
वर्तमान में जनपद में लगभग 3599842 मतदाता तथा 3696 मतदेय स्थल है। 09 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 36 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं 3696 बूथ लेवल अधिकारी कार्यरत हैं। निर्वाचक के लिए पात्रता यथा मतदाता भारत का नागरिक हो, न्यूनतम 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए, निर्वाचन क्षेत्र का मामूली तौर से निवासी हो तथा किसी विधि के अन्तर्गत निरर्हित न हो।
एईआरओ होंगे हर तहसील के लिए प्रमुख पदाधिकारी
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के लिए प्रमुख पदाधिकारी प्रत्येक तहसील के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एईआरओ रहेंगे, जिनके निर्णय के विरूद्ध प्रथ्ज्ञम अपील की सुनवाई जिला मजिस्ट्रेट द्वारा की जायेगी तथा जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय के विरूद्ध दूसरी अपील की सुनवाई प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जायेगी। बूथ लेबल अधिकारियों द्वारा नए निर्वाचकों को सम्मिलित करने हेतु प्रपत्र-6 एवं घोषणा प्रपत्र एकत्र करना एवं मिलान/लिंकिंग में उन्हें सहायता करना, गणना प्रपत्र को भरने व ईआरओ/एईआरओ को जमा करने में निर्वाचक की सहायता करना, प्रत्येक निर्वाचक के घर का कम से कम 03 बार भ्रमण करना, निर्वाचक, विशेष रूप से शहरी मतदाता/अस्थायी प्रवासी, गणना प्रपत्र को ऑनलाइन भी भर सकते हैं, मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत निर्वाचकों की पहचान किया जायेगा, गणना चरण के दौरान गणना प्रपत्र के अलावा अन्य कोई अभिलेख एकत्र करने की आवश्यकता नहीं है.
22 साल बाद एसआईआर
बैठक में डीएम ने बताया कि प्रदेश में इसके पहले विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था, लगभग 22 वर्ष के अंतराल के बाद पुनः भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया की जा रही है. उन्होंने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से आग्रह किया कि वह निर्वाचक नामावलियों के उक्त पुनरीक्षण कार्यक्रम हेतु प्रत्येक मतदेय स्थल पर अपने दल से सम्बन्धित बूथ लेवल एजेन्ट की नियुक्ति कर लें, बूथ लेवल एजेन्ट उसी मतदान केन्द्र/मतदेय स्थल का मतदाता होना चाहिए. उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से राजनैतिक शुद्धता और पारदर्शिता के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण प्रयासों में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की.