आगरालीक्स… आगरा में उत्तर भारत की प्रसिद्ध राम बरात , बनइ न बरनत बनी बराता।
होहिं सगुन सुंदर सुभदाता॥
चारा चाषु बाम दिसि लेई।
मनहुँ सकल मंगल कहि देई॥
बारात ऐसी बनी है कि उसका वर्णन करते नहीं बनता। सुंदर शुभदायक शकुन हो रहे हैं। नीलकंठ पक्षी बाईं ओर चारा ले रहा है, मानो सम्पूर्ण मंगलों की सूचना दे रहा हो॥
उत्तर भारत की प्रसिद्ध राम बरात शनिवार रात को रावतपाड़ा से प्रारंभ हुई, प्राचीन मन:कामेश्वर महादेव मंदिर स्थित लाला चन्नोमल की बारादरी से श्रृंगार के बाद दूल्हा बने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, और शत्रुघ्न (स्वरूपों) को आरती के बाद दिव्य रथों पर विराजमान किया गया।

दाहिन काग सुखेत सुहावा।
नकुल दरसु सब काहूँ पावा॥
सानुकूल बह त्रिबिध बयारी।
सघट सबाल आव बर नारी॥
दाहिनी ओर कौआ सुंदर खेत में शोभा पा रहा है। नेवले का दर्शन भी सब किसी ने पाया। तीनों प्रकार की (शीतल, मंद, सुगंधित) हवा अनुकूल दिशा में चल रही है। श्रेष्ठ (सुहागिनी) स्त्रियाँ भरे हुए घड़े और गोद में बालक लिए आ रही हैं॥2॥
सूर्यवंश के पताका स्वरूप दशरथजी को आते हुए जानकर जनकजी ने नदियों पर पुल बँधवा दिए। बीच-बीच में ठहरने के लिए सुंदर घर (पड़ाव) बनवा दिए, जिनमें देवलोक के समान सम्पदा छाई है,॥
असन सयन बर बसन सुहाए।
पावहिं सब निज निज मन भाए॥
नित नूतन सुख लखि अनुकूले।
सकल बरातिन्ह मंदिर भूले॥
और जहाँ बारात के सब लोग अपने-अपने मन की पसंद के अनुसार सुहावने उत्तम भोजन, बिस्तर और वस्त्र पाते हैं। मन के अनुकूल नित्य नए सुखों को देखकर सभी बारातियों को अपने घर भूल गए
दरेसी पर भगदड
राम बारात जब दरेसी पहुंची तो यहां भगदड़ मई। दो लोग घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल भेजा गया है। बताया जाता है कि रामबारात में कुछ लोग नशे में धुत होकर चल रहे थे। एक दूसरे पर गिरने के कारण धक्का मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। इसके बाद कुछ दूरी पर रावतपाड़ा में भी भगदड़ के हालात बने। बारात में तैनात फोर्स ने मौके पर ही स्थिति संभाल ली। लगभग पांच से सात मिनट के लिए बारात में व्यवधान पड़ा। स्थिति काबू में कर बारात को गुजारा गया। वहीं नगर निगम की व्यवस्थाएं भी इस दौरान फेल होती दिखीं। दरेसी की तरफ से कुछ भैंस आ गई। इससे भी अफरा-तफरी के हालात बने।