आगरालीक्स…आगरा के शांतिवेद हॉस्पिटल में कमाल. CTVS सर्जन डॉ. सुशील सिंघल द्वारा बिना किसी चीरे के पैर की धमनी के रास्ते एक बड़ा स्टेंट-ग्राफ्ट फूली हुई छाती-पेट की धमनी में सफलतापूर्वक कर बचाई मरीज की जान. आयुष्मान भारत योजना से हुआ इलाज
आगरा मंडल में पहली बार—आयुष्मान भारत योजना के तहत शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज, आगरा में (CTVS) सर्जन डॉ. सुशील सिंघल द्वारा हाई-रिस्क TEVAR (Thoracic Endovascular Aortic Aneurysm Repair) बिना किसी बड़े चीरे के, पैर की धमनी के रास्ते एक बड़ा स्टेंट-ग्राफ्ट फूली हुई छाती-पेट की धमनी में सफलतापूर्वक कर 51 वर्षीय मरीज की जान बचाई। शांतिवेद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, आगरा में 51 वर्षीय मरीज पर मंडल का पहला TEVAR with celiac artery coverage सफलतापूर्वक किया गया। मरीज के हार्ट की मुख्य नली (Left Main) में 90% ब्लॉकेज तथा हार्ट की तीनों मुख्य नसों (TVD – Triple Vessel Disease) में भी 90% ब्लॉकेज पाया गया।
मरीज भानु प्रकाश, निवासी संभल, कई दिनों से छाती और पेट के तेज दर्द से परेशान थे। जाँच में उनकी छाती और पेट की बड़ी नलियों में (Descending Thoracic Aorta एवं Abdominal Aorta) एक खतरनाक थोराको-एब्डॉमिनल एन्यूरिज़्म से फूली हुई थीं, जो कभी भी फटकर जानलेवा रक्तस्राव करा सकती थीं। साथ ही हार्ट की एंजियोग्राफी में गंभीर ब्लॉकेज भी मिले। मरीज के बेटे, जो स्वयं डॉक्टर हैं, की सहमति से हाई-रिस्क कंसेंट लिया गया। कार्डियोथोरेसिक वैस्कुलर सर्जन (CTVS) सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने पहले TEVAR (Thoracic Endovascular Aortic Aneurysm Repair) कर फूली हुई धमनी में स्टेंट-ग्राफ्ट लगाया। यह आगरा मंडल का पहला ऐसा केस है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. तन्वी भारद्वाज, Cathlab और OT टीम ने पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई।
आयुष्मान भारत से मिला बड़ा सहारा
जहां मेट्रो शहरों में इस तरह की सर्जरी की लागत 10–12 लाख रुपये तक होती है, वहीं मरीज को यह उपचार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।
आगरा के लिए बड़ी उपलब्धि
उच्च जोखिम के बावजूद TEVAR होना, आगरा मंडल के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि है।