आगरालीक्स… आगरा के डॉक्टरों की संस्था आईएमए में गुटबाजी के बाद आम सहमति बन गई, अपना बडप्पन दिखाते हुए सक्रिय सदस्यों ने नाम वापस ले लिया। अब एक अक्टूबर को चुनाव नहीं होंगे।
आईएमए,आगरा की 2017. 18 की कार्यकारिणी चुनने के लिए एक अक्टूबर को आईएमए भवन तोता का ताल पर मतदान होना था। अध्यक्ष इलेक्ट के पद पर डॉ अशोक शिरोमणि और सचिव के पद पर डॉ ओपी बघेल निर्विरोध चुन लिए गए थे, 24 सितंबर को नामांकन वापस लेना था इसमें उपाध्यक्ष पद पर डॉ धर्मेंद्र शर्मा ने नामांकन वापस ले लिया था, उपाध्यक्ष के दो पदों पर डॉ राजीव उपाध्यास और डॉ पारुल अग्रवाल चुन लिए। इसी तरह आईएमए, एएमएस के पद पर डॉ डीवी शर्मा को निर्विरोध चुन लिया गया। सांइटिपिफक सेक्रेटरी डॉ राज कुमार गुप्ता को चुन लिया गया।

अपनों के लिए नामांकन वापस लिया
कोषाध्यक्ष के पद पर डॉ आलोक मित्तल और उनके कॉलेज के साथी डॉ अनूप दीक्षित ने दावेदारी की थी, सांस्क्रतिक सचिव के पद पर डॉ मुकेश बघेल और डॉ संध्या जैन, एडिटर के पद पर डॉ दीप्ति माला और डॉ भूपेंद्र। संयुक्त सचिव के पद पर चार दावेदार थे। मंगलवार को इन चारों पदों पर आम सहमति बन गई, अपनों के लिए साथी चिकित्सकों ने नामांकन वापस ले लिया, इस तरह आईएमए की पूरी टीम निर्विरोध चुन ली गई।
कई साल बाद मतदान के बिना चुनी गई पूरी टीम
कई साल बाद मतदान के बिना ही आईएमए की पूरी टीम चुन ली गई है, इसमें वरिष्ठ चिकित्सकों को आईएमए के पदाधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।