आगरालीक्स.. आगरा में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच कर रही कमेटी ने माना सड़क निर्माण में हुई गड़बड़ी, जांच रिपोर्ट भेजी
हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक हुए निर्माण कार्य में कथित घोटाले मामले की जांच आख्या रविवार को जांच कमेटी के सदस्यों ने महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह को जांच रिपोर्ट भेज दी। जांच रिपोर्ट में कमेटी के पार्षदों ने वित्तीय अनियमितता होने की बात को माना और पूरे मामले के तथ्यों को पूर्ण रूप से सामने लाने के लिए थर्ड जांच करने की संस्तुति की है।
पार्षदों के दल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि नगर निगम आगरा के अधिकारियों द्वारा कोई भी पत्राचार नहीं किया गया है। इसके साथ ही कमेटी ने लिखा कि स्थलीय जांच के लिए कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके साथ ही निगम के अधिकारियों द्वारा किए गए कार्य की मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई। कमेटी के सदस्यों ने माना कि स्थलीय निरीक्षण में पाये गये तथ्यों के अनुसार उक्त प्रकरण में वित्तीय अनियमिततायें पायी गयी हैं। अतः उक्त प्रकरण की थर्ड पार्टी जाँच कराये जाने की संस्तुति की जाती है।
गौरतलब है कि हेमा पट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक नगर निगम आगरा द्वारा वर्ष 2023-24 में सड़क निर्माण व सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने का कार्य किया था। इस कार्य में गड़बड़ी के मामले को मीडिया द्वारा प्रकाश में लाया गया था। इसके बाद सदन की बैठक में पार्षदों द्वारा इस प्रकरण को लेकर हंगामा किया था और पूरे मामले की जांच करने की मांग की थी। इसके बाद महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल से इस मामले की जांच करने के लिए कमेटी गठित करने और सात दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया था।
जब सात दिन के अंदर जांच कमेटी का गठन नहीं हुआ तो पार्षदों की मांग पर और अधिकारियों द्वारा दिखाई जा रही उदासीनता को देखते हुए महापौर ने खुद ही कमेटी का गठन करके जांच करने के लिए निर्देशित किया था। उक्त कमेटी में पार्षद हेमन्त प्रजापति, बसपा पार्षद दल के नेता यशपाल सिंह, पार्षद प्रवीना राजावत, पार्षद रवि करौतिया, पार्षद वीरेन्द्र सिंह लोधी, अपर नगर आयुक्त, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, अरविन्द श्रीवास्तव, अधिशासी अभियन्ता को जाँच कमेटी में नामित किया गया था।