आगरालीक्स…सीजन का पहला घना कोहरा, मगर आगरा में अब तक असली सर्दी क्यों नहीं पड़ी और आगे कैसा रहेगा मौसम ? आधे दिसंबर बाद क्या है पर्यावरण वैज्ञानिकों का अनुमान जानें इस खबर में…
आगरा में आधा दिसंबर गुजरने को है लेकिन आगरा वालों के पंखे अब भी चल रहे हैं। रजाई बक्से में दुबकी पड़ी है और काम केवल कंबल से ही चल जाता है। चर्चा आम है कि इस बार आगरा में सर्दी नहीं पडेगी क्या ? हालांकि 15 दिसंबर यानि आज सुबह सीजन का पहला घना कोहरा जरूर पड़ गया है। यह किस तरह का बदलाव है और आगे का मौसम कैसा रहने वाला है, इस पर जानते हैं पर्यावरण वैज्ञानिकों की राय। इस बार दिसंबर में अब तक ठंड कम और गर्मी ज्यादा पड़ी है। बीते दिन तक भी दोपहर के समय चटक धूप महसूस की गई है और कई दिन तो ऐसे भी रहे जिसमें दोपहर के वक्त जैकेट या स्वेटर की जरूरत भी नहीं रही। जबकि दिसंबर और जनवरी के महीनों में कड़ाके की ठंड रहती है।दयालबाग शिक्षण संस्थान के रसायन विज्ञान में कार्यरत सहायक प्रोफेसर एवं पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ रंजीत कुमार ने बताया कि ठंड बढने का सबसे बड़ा कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस होते हैं। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कहते हैं एक तरह की मौसमी लहर को जो ठंडी और नर्म हवा लेकर आती है। उत्तर भारत में यह बारिश, बर्फबारी और ठंड बढ़ाने का काम करती है लेकिन इस बार तापमान के अंतर इसलिए हैं क्योंकि मौसम की शुरूआत से अब तक कोई भी इफेक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस नहीं आया है। इसलिए आगरा में भी ठंड नहीं है। 13 दिसंबर तक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आया भी लेकिन वह भी कमजोर है।
आने वाले सप्ताह में आगरा में रात का तापमान बढ़ सकता है जिससे ठंडक और कम होगी। रात का न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री तक जा सकता है। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि असली ठंड का इंतजार अभी करना पड़ सकता है। हालांकि मौसम विज्ञानिकों का अनुमान था कि एल नीनो की वजह से इस बार ठंड बहुत ज्यादा पड़ेगी। अब तक हमने मौसम के शॉर्ट टर्म इफेक्ट देखे थे लेकिन अब आगे लांग टर्म इफेक्ट भी देखने को मिलेंगे।
कुल मिलाकर यह सब एल नीनो का असर है। एल नीनो मौसम का एक पैटर्न है इसकी वजह से पैसिफिक महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा ठंडा हो जाता है। दुनिया भर में हवा और मौसम का पैटर्न बदलता है। भारत के उत्तरी हिस्सों में इस कारण से आम तौर पर ज्यादा ठंड देखने को मिलती है। अब देखते हैं दिसंबर के आखिर और जनवरी के शुरूआत में मौसम कैसा रहता है।