आगरालीक्स…आगरा का आईएसबीटी बस अड्डा केवल नाम का. हाइवे से ही सवारियों को लेती हैं बसें. फिर चाहे जाम लगे या एक्सीडेंट हो…
आगरा का आईएसबीटी यानी इंटरस्टेट बस टर्मिनल, शायद केवल नाम का ही बस अड्डा बनकर रह गया है. यहां से अधिकतर रोडवेज बसें खाली निकलती हैं और वो सवारियों को लेने के लिए हाइवे पर खड़ी हो जाती हैं. मथुरा, हरियाणा, दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें आईएसबीटी के पास हाइवे पर ही खड़ी हो जाती हैं तो वहीं एटा, अलीगढ़, कानपुर रूट को जाने वाली रोडवेज बसें ट्रांसपोर्ट नगर फ्लाईओवर के नीचे, अबुउलाह के पास, वाटरवक्र्स या रामबाग के पास हाइवे पर खड़ी होकर सवारियां लेती हैं. रोडवेज बस चालकों की इन वजह से ही यात्री आईएसबीटी बस अड्डे के अंदर नहीं जाते, उन्हें बसें हाइवे पर ही मिल जाती हैं.
जाम लगे या एक्सीडेंट हो, कोई फर्क नहीं
आगरा में रोडवेज बसों की कंडीशन ये है कि हाइवे पर कई सारी बसें एक साथ खड़ी हो जाती हैं और सवारियां लेने लगती हैं. फिर इनके कारण चाहे जाम लगे या एक्सीडेंट हो, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. यही कारण है कि हाइवे स्थित आईएसबीटी, ट्रोसपोर्ट नगर, अबुउलाह कट, वाटरवक्र्स, रामबाग पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है. कई बार दर्दनाक हादसे भी हो चुके हैं.
प्राइवेट बसें भी करती हैं जाम
हाल सिर्फ रोडवेज बसों का नहीं है, इनकी आड़ में प्राइवेट बसें भी हाइवे पर खड़ी होकर सवारियां लेती हैं.
कार्रवाई केवल नाम की रह जाती है
हाइवे पर जब भी रोडवेज बसों या प्राइवेट बसों के कारण भीषण जाम या एक्सीडेंट होता है तो प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाती है, कई बसों के चालान भी किए जाते हैं लेकिन कार्रवाई में ढील आते ही इन बस चालकों की मनमानी शुरू हो जाती है.