यूपीलीक्स…कानपुर में करोड़ों की लैंबॉर्गिनी कार ने कई लोगों को टक्कर मारी. अरबपति के बेटे को चार दिन बाद पुलिस ने अरेस्ट किया, कोर्ट ने 7 घंटे में 20 हजार के मुचलके पर दे दी जमानत. रिमांड अर्जी भी की खारिज
यूपी के कानपुर का एक मामला इस समय देश में चर्चा में बना हुआ है. बीते रविवार को कानपुर में करीब 12 करोड़ की कीमत वाली लैंबॉर्गिनी कार से एक्सीडेंट होता है. कार कई लोगों को टक्कर मारती है. गनीमत रहती है कि किसी की जान नहीं जाती है. एक्सीडेंट के बाद कार को लोग घेर लेते हैं. कार में से अरबपति तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को निकाला जाता है. लेकिन तभी शिवम के बाउंसर वहां आ जाते हैं और सुरक्षा घेरा बना लेते हैं. इसके बाद शिवम वहां से चला जाता है. हाईप्रोफाइल मामला तुरंत सुर्खियों में बन जाता है. इस घटना के अगले ही दिन कारोबारी का चालक मोहन दावा करता है कि गाड़ी वह चला रहा था, हालांकि पुलिस ने चश्मदीदों के बयान के आधार पर शिवम को गाड़ी चलाते हुए आरोपी बनाया और उसकी तलाश शुरू की.चार दिन बाद शिवम अरेस्ट
घटना के चार दिन बाद पुलिस कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार करने में कामयाब हो जाती है और उसे कानपुर की कोर्ट में पेश किया जाता है. यहां शिवम मिश्रा की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नरेश चंद्र त्रिपाठी की ओर से दलील दी जाती है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के सही कारण दर्ज नहीं किए थे. ये गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है.
शिवम मिश्रा के वकील की ओर से पेश की गई दलीलों के आधार पर कोर्ट ने 20 हजार के मुचलके पर शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी के सात घंटे में ही जमानत दे द़ी पुलिस ने 14 दिन की रिमांड भी मांगी लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया. जमानत देते समय अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरोपी को विवेचना में पूर्ण सहयोग करना होगा और पुलिस की पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा.