मथुरालीक्स…बरसाना की गलियों में उड़ने लगे होली के रंग. पहली चौपाई में जमकर उड़ा गुलाल. जानें कब खेली जाएगी लठामार होली
यूं तो ब्रज में होली का उल्लास बसंत पंचमी से शुरू हो गया है. ठाकुर जी ने भी भक्तों के साथ होली खेली है, लेकिन होली का अनुपम उल्लास बरसाना यानी राधारानी के आंगन में जो छाता है उसका आनंद ही अलग है. रविवार से बरसाना की गलियों में भी होली के रंग उड़ने शुरू हो गए हैं. पहली चौपाई में यहां जमकर होली खेली गई और जमकर गुलाल उड़ाया गया.गोस्वामी समाज ने होली के पद गाकर माहौल् को भक्तिरस में रंग दिया. 24 फरवरी को लठामार होली बरसाना में खेली जाएगी.लठामार रंगीली होली की परंपरा का शुभारंभ पहली चौपाई के साथ होते ही राधारानी की नगरी रंग, रस औरभक्ति में सराबोर हो गई. संध्या आरती के बाद लाडली जी मह से निकली पहली चौपाई के साथ ढाप, मृदुग और झांझ की थाप पर गोस्वामी समाज के लोग नाचते गाते आगे बढ़े. अबरी और गुलाल की उड़ान ने वातावरणको रंगीन बना दिया.
मान्यता के अनुसार शिवरात्रि के दिन राधारानी अपनी सखियों संग संकेतवट नहीं जाती. इसी दिन श्रीकृष्ण छद्म वेश धारण कर राधारानी के दर्शन को यहां आते हैं लेकिन सख्यिां उन्हें पहचान लेती हैं. रंगीली गली में कृष्ण को घेरकर रंग गुलाल से सराबोर किया जाता है और नंदभवन की ओर लौटाया जाता है. इसी लीला की स्मृति में गोस्वामी समाज लाडली जी महल से दादी बाबा होते हुए रंगीली गली स्थित रंगेश्वर महादेव तक चौपाई निकालता है.