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The commander of the planets, Mars, transited into Saturn’s Aquarius sign

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आगरालीक्स…ग्रहों के सेनापति मंगल का शनि की कुंभ राशि में हुआ गोचर. 3 मार्च को होली पर चांद भी होगा लाल…ज्योतिष से जानिए क्योें खतरनाक बन रहे हैं संकेत

क्या दुनिया के पास शांति के लिए केवल 192 घंटे बचे हैं? कल 23 फरवरी 2026 को मंगल ने जैसे ही कुंभ राशि में अपना पैर रखा, वाशिंगटन से तेहरान और यरूशलेम से मास्को तक के 'वॉर रूम्स' में सन्नाटा पसर गया है. यह महज एक ग्रह का गोचर नहीं है, बल्कि उस 'टाइम बम' की टिक-टिक है जिसका धमाका 3 मार्च को होने वाले 'ब्लड मून' (Lunar Eclipse 2026) के साथ सुनाई दे सकता है. मेदिनी ज्योतिष के प्राचीन पन्नों में दर्ज है कि जब 'अग्निपुत्र' मंगल, शनि की वायु राशि में राहु के साथ मिलकर 'विष योग' बनाता है, तब कूटनीति की फाइलें जल जाती हैं और मिसाइलें बोलने लगती हैं.

क्या अमेरिका की 'प्रिवेंटिव स्ट्राइक' की जिद और ईरान की 'परमाणु प्रतिज्ञा' इस बार दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर देगी ? इस विशेष विश्लेषण में हम उन खगोलीय संकेतों और सैन्य रणनीतियों की परतें खोलेंगे, जो आने वाले 45 दिनों में आपके जीवन और दुनिया के नक्शे को हमेशा के लिए बदल सकते हैं.

मंगल का कुंभ प्रवेश : बारूद के ढेर पर जलती तीली -
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार मंगल को ज्योतिष में 'युद्ध का देवता' कहा जाता है और कुंभ एक 'वायु' प्रधान राशि है. 23 फरवरी 2026 को मंगल का यह गोचर अत्यंत विस्फोटक है क्योंकि कुंभ में पहले से ही राहु का प्रभाव विद्यमान है.

साइबर और स्पेस वॉर का आगाज -
कुंभ राशि आधुनिक तकनीक, इंटरनेट और सैटेलाइट्स की राशि है. मंगल का यहां होना यह बताता है कि यह युद्ध जमीन पर टैंकों से अधिक बादलों के ऊपर लड़ा जाएगा. अदृश्य हमला का संकेत यानी ईरान के कमांड सेंटर्स पर बड़े साइबर हमलों की शुरुआत इसी हफ्ते से हो सकती है. अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के डिफेंस सिस्टम को भेदने के लिए AI-संचालित ड्रोन्स का उपयोग कर सकते हैं.

3 मार्च का 'ब्लड मून': क्यों कांप रहे हैं रणनीतिकार ?
चंद्र ग्रहण जब पूर्ण होता है, तो वह लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे 'ब्लड मून' कहते हैं. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी ने बताया कि ज्योतिष का एक सूत्र है -
यदा शशिनः रक्तवर्णः, तदा भूमौ रक्तपातम्।
( यानी जब चंद्रमा रक्त वर्ण का हो, तो पृथ्वी पर रक्तपात निश्चित है.)

सत्ता का अंतिम संघर्ष -
3 मार्च 2026 को लगने वाला यह ग्रहण सिंह और कुंभ राशि के अक्ष पर है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार ईरान की स्थापना कुंडली (मिथुन लग्न) के भाग्य और कर्म भाव इस ग्रहण से बुरी तरह पीड़ित हैं. यह संकेत है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व पर कोई बड़ा 'प्राणघातक' हमला या तख्तापलट की कोशिश हो सकती है. 'स्ट्रैटेजिक जिद' के कारण अमेरिका इस समय ऐसी दशा से गुजर रहा है जहां वह अपनी वैश्विक साख बचाने के लिए 'आक्रामक' होना ही एकमात्र रास्ता समझेगा.

ऐतिहासिक समानताएं: क्या 1991 और 2003 फिर लौटेगा ?
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार 2026 की यह स्थिति पिछले 50 वर्षों की सबसे घातक स्थिति है. कैसे आइए जानते हैं -
डेजर्ट स्टॉर्म (1991): तब मंगल की उग्रता ने इराक को तबाह किया था.
ऑपरेशन इराकी फ्रीडम (2003): तब शनि और राहु के प्रभाव ने सत्ता परिवर्तन किया था.
2026 का विशेष संयोग: इस बार 'मंगल-शनि-राहु' का ऐसा त्रिकोणीय संबंध बन रहा है जो केवल 'विनाश' ही नहीं, बल्कि 'मानचित्र परिवर्तन' की ओर इशारा कर रहा है.

युद्ध का वैश्विक विस्तार: रूस, चीन और इजरायल !
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार कुंभ का मंगल यह सुनिश्चित करेगा कि यह युद्ध केवल दो देशों तक सीमित न रहे. मंगल की सातवीं दृष्टि इजरायल की कुंडली पर पड़ रही है, जो उसे ईरान पर 'प्री-एम्प्टिव एयर स्ट्राइक' के लिए मजबूर करेगी.
रूस और चीन ये देश सीधे युद्ध में कूदने के बजाय ईरान को 'इंटेलिजेंस' और 'इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर' में मदद करेंगे, जिससे युद्ध लंबा खिंच सकता है.

भारत की अग्निपरीक्षा !
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भारत के लिए यह समय 'संतुलन' की पराकाष्ठा है. भारत को एक तरफ अपने दोस्त अमेरिका को संभालना है और दूसरी तरफ ईरान के साथ अपने चाबहार पोर्ट और ऊर्जा हितों की रक्षा करनी है. भारत की पश्चिमी सीमा (पाकिस्तान के साथ) पर भी इस गोचर का नकारात्मक असर दिख सकता है. 2026 के मध्य तक भारत को अपनी सैन्य तैनाती बढ़ानी पड़ सकती है.

क्या 2026 का युद्ध परमाणु (Nuclear) होगा ?
यह सबसे बड़ा सवाल है. ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार राहु का कुंभ में होना और मंगल की उस पर दृष्टि 'अदृश्य विष' का संकेत देती है. यह परमाणु बम गिरने जैसा तो नहीं, लेकिन 'रेडियोधर्मी रिसाव' (Radiation Leak) या परमाणु ठिकानों पर 'साइबर तोड़फोड़' के जरिए बड़ी तबाही की ओर इशारा करता है.

Written by
Agraleaks Team

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