आगरालीक्स…हिन्दुस्तान कॉलेज के ज्ञान ज्योति-2026 में काव्य पाठ करेंगे देश के नामचीन कवि, देश भर के 600 से अधिक छात्र—छात्राएं तकनीकी और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में करेंगे प्रतिभाग
आगरा में हर वर्ष की तरह शारदा ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस का प्रतिष्ठित काॅलेज हिन्दुस्तान काॅलेज आफ साइन्स एण्ड टेक्नोलाॅजी अपना वार्षिक समारोह ज्ञान ज्योति-26 धूम-धाम से मनाने जा रहा है। इसमें तकनीक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में देश भर संस्थानों से छात्र एवं छात्रायें प्रतिभाग करेंगे तथा अपनी विशिष्ट विधाओं में प्रस्तुतियां देंगे। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक डाॅ. हरेन्द्र सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के पूर्व संध्या पर एक कवि सम्मेलन होगा, जिसमें देश भर के नामचीन कवि अपनी ओजपूर्ण और भावनात्मक कविताओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। वहीं 19 मार्च 2026 को कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अनिरुद्ध यादव करेंगे। पहले दिन के अंत में डीजे नाइट तथा अगले दिन सेलेब्रिटी नाइट का आयोजन किया जायेगा।ज्ञान ज्योति 2026 के संयोजक मुकुन्द लाल अरुकापल्ली एवं विवेक अग्रवाल ने बताया कि कवि सम्मेलन में कवि अनवर अमान, भूमिका जैन एवं एलेश अवस्थी अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध करेंगे।
19 मार्च को छात्र/छात्राओं द्वारा टेक्नीकल के अन्तर्गत टैक्नीकल क्विज, कोडिंग, ड्रोनस्ट्राॅम माॅडल माइंडस एवं पिक्सल वारफेयर, सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत सोलो डाॅस, सोलो सिंगिग, डांस (एकल व द्वितीय), रैप रम्बल, बनो बाजा शो डाउन, रंग मंच, बीट स्ट्राॅम, एण्ड गेम्स में फ्री फायर, बीजीएमआई, शतरंज, सिक्स साॅट वास्केटबाॅल, म्यूजीकल चेयर, और लिटरेसी एण्ड फाइन आर्टस के अन्तर्गत डिबेट, शायरी, रंगोली, मेंहदी आदि का आयोजन किया जा रहा है।
अब तक लगभग 25 इंजिनीयरिंग काॅलेज के 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम के लिए पंजीकृत करा दिया है।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरएस पवित्र ने बताया कि इस तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और छात्रों को मंच प्रदान करना है। इससे छात्रों की रचनात्मक, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दक्षता उजागर होने में मदद मिलेगी। इससे छात्रों में सहयोग और टीमवर्क की भावना विकसित होगी। उद्योग अकैडमिक सवांद को प्रोत्साहन मिलेगा। छात्रों की व्यक्तित्व विकास और साॅफ्ट स्किल्स निखरेगी और इससे छात्रों में स्थिरता बढ़ेगी और सामाजिक जिम्मेदारी का ज्ञान आयेगा।