आगरालीक्स…15 अप्रैल से शुरू हो रहे शादी—विवाह के मुहूर्त. अप्रैल से जुलाई तक इस बार खूब शादियां. 34 शुभ तो 2 अनबूझे मुहूर्त…जानिए पूरी खबर
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार सनातनी हिंदू धर्म में खरमास के समय विवाह और अन्य सभी शुभ मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता. अप्रैल के पहले आधे महीने तक सूर्य देव मीन राशि में रहेंगे, इसलिए इस दौरान सभी शुभ कार्यों पर रोक रहेगी. 14 अप्रैल सुबह 09:33 को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा. इस राशि परिवर्तन को मेष संक्रांति कहा जाता है। इसके बाद 15 अप्रैल से शादी-विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे और सभी शुभ कार्यो हेतू शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे.
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं। इसे हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक सौर नववर्ष की शुरुआत मानते हैं। ये गोचर न केवल सौर नववर्ष का आरंभ है, बल्कि पूरे एक महीने से चल रहे खरमास पर भी विराम लगा देता।
इसी दिन से एक माह से चला आ रहा खरमास खत्म होता है। सभी रुके हुए मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। सूर्य का ये गोचर 14 अप्रैल 2026 को सुबह होगा।
वर्ष 2026 में ग्रीष्म कालीन शुभ विवाह के मुहूर्त-
अप्रैल मे-20,21,25,26,27,29,30अप्रैल
मई मे-5,6,7,8,9,10,14
जून में -19,20,22,23,24,25,26,27,28,29
जुलाई में -1,2,3,4,6,7,8,9,11,12
इस वर्ष शुभ विवाह के 36 मुहूर्त है इसमें 34 विवाह मुहूर्त और दो अनपूछे अनबूझे मुहूर्त होंगे इनमें 19 अप्रैल अक्षय तृतीया और 22 जुलाई भड्डली नवमी शुभ विवाह होगें.