आगरालीक्स…चंबल में अवैध बजरी खनन पर कड़ा शिकंजा, पिनाहट सेंचुरी क्षेत्र में केंद्र की टीम ने डाला डेरा. अवैध खनन के ठिकानों को कर रही चिन्हित
चंबल नदी में बढ़ते अवैध बजरी खनन पर अब निर्णायक कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद तीन राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। चंबल नदी में अवैध बजरी खनन और उसके परिवहन पर अब कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। केंद्र से आई टीम ने पिनाहट स्थित चंबल सेंचुरी क्षेत्र में डेरा डालकर अवैध खनन के ठिकानों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। चंबल क्षेत्र जैव विविधता के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में मगरमच्छ और घड़ियाल जैसे दुर्लभ जीव पाए जाते हैं, जिनके प्रजनन स्थल अवैध खनन से प्रभावित हो रहे हैं। बजरी निकासी से नदी के प्राकृतिक प्रवाह और तटीय संरचना को भी नुकसान पहुंच रहा है।प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध खनन में लिप्त लोगों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वन विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें गठित कर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सख्ती से चंबल क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगेगी और वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा।