आगरालीक्स…आगरा कैंट पर 40 लाख के नकली नोट के साथ पकड़ा युवक. हैरान करने वाला नकली नोट चलाने का तरीका. 500—500 नोटों की गड्डियों को देख चकरा गए जीआरपी कर्मी…
आगरा कैंट पर जीआरपी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. बुधवार रात स्टेशन पर पर जीआरपी चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान उसे एक युवक प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक युवक संदिग्ध हालत में बैठे देखा. युवक के पास एक बड़ा बैग था. जीआरपी ने जब बैग को चेक किया पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. बैग में 500—500 नोटों की 80 गड्डियां रखी हुई थीं. जब इन नोटों को चेक किया गया तो गड्डियों के ऊपर रखे दो—तीन नोट असली थे और बाकी पूरी गड्डी नकली नोटों की थी.दिल्ली से आया था, नागपुर जाने के लिए कर रहा था ट्रेन का इंतजार
पुलिस ने आरोपी युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम जसवीर सिंह निवासी रोझा, थाना लूनकरन, बीकानेर, राजस्थान बताया. उसने बताया कि वह दिल्ली से आगरा पहुंचा था और यहां से नागपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहा था. जीआरपी को उसके पास नागपुर का कन्फर्म टिकट भी मिला. उसने बताया कि उसे ये नोट की खेप दिल्ली में दी गई थी जिसे नागपुर में किसी को सप्लाई करना था.
बीकानेर में नकली नोटों की छपाई
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नकली नोटों की छपाई बीकानेर में होती है. वहां से ये खेप दिल्ली भेजी जाती है और दिल्ली में बैठा गैंग इसे देश के अलग—अलग हिस्सों में सप्लाई करता है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगरा कैंट थाना जीआरपी में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पूछताछ में आरोपी जसवीर ने बताया कि गिराेह के बड़े टप्पेबाज जो 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक ठगी करते हैं, उनके लिए इन गड्डियों को बीकानेर में बनाया जाता है. गड्डी के ऊपरी और नीचे कुछ असली नोट लगा दिए जाते हैं, जिससे कि पहली नजर में चेक करने पर वह नोटों की गड्डी की तरह प्रतीत होती है. गिरोह के बड़े टप्पेबाज दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, नागपुर, जयपुर समेत अन्य शहरों में फैले हुए हैं. वर्तमान में सोने की ईंट बेचने का तरीका पुराना हो गया है. लोग इससे परिचित हो गए हैं. टप्पेबाजों ने अब तरीका बदल दिया है, वह दिल्ली एनसीआर समेत बड़े शहरों में प्रापर्टी डीलर एवं महंगी जमीनों का मालिक बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं. जमीनों के फर्जी कागजात अपने पास रखते हैं, लोगो को जाल में फंसाने के बाद जरूरत बता महंगी संपत्ति के कागजात गिरवी रखने या कौड़ियों में बेचने की बात करते हैं. उनसे बतौर पेशगी मोटी रकम ले लेकर गायब हो जाते हैं. शिकार को जाल में फंसाने के लिए गिरोह के ही दूसरे सदस्य प्रापर्टी डीलर बने साथी को नकली नोटों की गड्डी दिखा सौदा करने की बात करता है, जिससे जाल में फंसे व्यक्ति को लगता है कि कहीं सौदा उसके हाथ से न निकल जाए. गिराेह पेशगी के नाम पर लाखों रुपये ले लेते हैं.