नईदिल्लीलीक्स चांदी के आयात पर सख्ती, उच्च शुद्धता वाली सिल्वर बार सहित चांदी के अन्य उत्पादों के आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध, आगरा और मथुरा से 2800 हजार टन चांदी का सालाना आयात।
सोना और चांदी के आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने के बाद एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी ने चांदी के साथ ही सोने व प्लेटिनम की परत चढ़ी चांदी को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। चांदी आयात के लिए लाइसेंस भी अनिवार्य कर दिया है।
आगरा, मथुरा में 2800 हजार टन चांदी का सालान कारोबार
भारत दुनिया में कीमती धातुओं के उपभोग मे दूसरे नंबर पर है, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़े दबाव को कम करने के लिए चांदी के आयात को प्रतिबंधित किया गया है इससे चांदी की मांग धट सकती है और व्यापार घाटा कम होने से रुपये को मजबूती मिलने की भी उम्मीद है। आगरा से सालाना 2000 टन और मथुरा से 800 हजार टन चांदी का आयात होता है, प्रतिबंध लगने से आगरा के पायल बाजार पर संकट मंडराएगा। चांदी की पायल के निर्माण में आगरा उत्तर भारत का सबसे बड़ा केंद्र है, चांदी की आपूर्ति कम होने से कारोबार बुरी तरह से प्रभावित होगा। पायल बनाने के लिए चांदी उपलब्ध नहीं होगी। चांदी कारोबार से ही करीब चार लाख लोग अलग अलग तरीके से जुड़े हुए हैं और चार हजार चांदी के कारखाने हैं।