Monday , 6 July 2026
Home आगरा Agra News : National Road Safety Board constituted, but what happens next? Read the full details
आगराटॉप न्यूज़बिगलीक्स

Agra News : National Road Safety Board constituted, but what happens next? Read the full details

20

आगरालीक्स…वीडियो न्यूज, क्यों बनाया गया है राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड और अब आगे क्या होगा ? 03 सितंबर को फिर सुनवाई, जीवन के अधिकार से जुड़े मामले पर पढें छोटी से छोटी जानकारी

देश में हर साल सड़क हादसों में करीब पौने दो लाख लोगों की जान जाती है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कानून तो 2019 में ही बन गया था, लेकिन जिस राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन इस कानून के तहत होना था, वह छह साल तक सिर्फ कागजों पर ही रहा। अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद केंद्र सरकार ने आखिरकार इस बोर्ड का गठन कर दिया है, मगर अब आगे क्या होगा ? इस बारे में बता रहे हैं इसे लेकर लंबी लड़ाई लड़ने वाले सीनियर एडवोकेट और रोड सेफ्टी एक्टिविस्ट केसी जैन…

सालों से चल रही सुनवाई
एस. राजसीकरन बनाम भारत संघ (रिट याचिका सं. 295 वर्ष 2012) मामले में सुप्रीम कोर्ट सालों से सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की सुनवाई कर रहा है। इसी मामले में अधिवक्ता और सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने एक याचिका (आई0ए0 सं0ः 43519 वर्ष 2024) दाखिल कर मांग की थी कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 215-बी के तहत बनाए गए कानून को अमल में लाया जाए और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन किया जाए। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में तीन बार सुना गया।

बार-बार मिली मोहलत, फिर भी देरी

  • 17 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा तो सरकार ने बोर्ड बनाने के लिए 9 महीने का समय मांगा।
  • 14 मई 2025 को कोर्ट ने सरकार को सिर्फ 6 महीने का समय दिया और साफ कहा कि अब आगे कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
  • इसके बावजूद 6 महीने बीत जाने पर भी बोर्ड नहीं बना। 13 मई 2026 को जब मामला फिर सुनवाई पर आया, तो जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले छह साल से यह मुद्दा सिर्फ बहस में उलझा हुआ है, जबकि बोर्ड बनाने के नियम (राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड नियम, 2025) पहले ही अक्टूबर 2025 में बन चुके थे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को आखिरी मौका देते हुए आदेश दिया कि तीन महीने के भीतर, यानी करीब 12 अगस्त 2026 तक, हर हाल में बोर्ड का गठन कर दिया जाए।
    आखिरकार बना बोर्ड
  • केंद्र सरकार ने कोर्ट की तय समय-सीमा से करीब डेढ़ महीने पहले ही, 29 जून 2026 को राजपत्र अधिसूचना (सं. 3505(अ)) जारी कर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का विधिवत गठन कर दिया।

बोर्ड की संरचना इस प्रकार है
अध्यक्षः डॉ. नितिन आर. गोकर्ण, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार
सदस्यः उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली के परिवहन आयुक्त
सदस्यः महाराष्ट्र, ओडिशा और त्रिपुरा के अपर पुलिस महानिदेशक
पदेन सदस्यः सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अपर महानिदेशक (पूर्व) और अपर महानिदेशक (उत्तर/गुणवत्ता नियंत्रण)
पदेन सदस्यः भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य (प्रशासन) और सदस्य (सड़क सुरक्षा)
पदेन सदस्यः राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के निदेशक (तकनीकी-प्रथम)

विशेषज्ञ सदस्य

  • सत्येंद्र गर्ग, आईपीएस (सेवानिवृत्त) - प्रवर्तन एवं यातायात प्रबंधन विशेषज्ञ
  • आरुषि बलूजा साही - विभागाध्यक्ष, चालक प्रशिक्षण, आईआरटीई
  • हर्ष ए. पोद्दार, आईपीएस - पुलिस अधीक्षक, नागपुर (ग्रामीण)
  • गौरव उपाध्याय, आईपीएस - सचिव, परिवहन विभाग, असम सरकार
  • पीयूष तिवारी - संस्थापक व सीईओ, सेव लाइफ फाउंडेशन
  • केसी शर्मा - सलाहकार (मोटर वाहन कानून), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
  • प्रो. गौतम मेलूर सुकुमार - एनआईएमएचएएनएस, बेंगलुरु
  • पदेन सदस्य सचिवः अपर सचिव/संयुक्त सचिव (परिवहन), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

सिर्फ बोर्ड बनना काफी नहीं
अधिवक्ता जैन ने अपनी याचिका में सिर्फ बोर्ड बनाने की मांग नहीं की थी, बल्कि यह भी मांग की थी कि बोर्ड सही मायने में और पारदर्शी तरीके से काम करे। अभी सिर्फ बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी हुई है, लेकिन अर्जी में उठाई गई नीचे दी गई मांगों पर सुप्रीम कोर्ट को अभी और विचार करना है।

बोर्ड का पूरी तरह सक्रिय होना
मांग की गई है कि केंद्र सरकार सुनिश्चित करे कि बोर्ड केवल कागजी न रहे, बल्कि उसकी अपनी वेबसाइट हो, जिस पर डाक व ई-मेल पता तथा फोन नंबर भी दिए जाएं, और सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 4(1)(ख) के तहत बोर्ड अपने सभी फैसलों, सलाहों और गतिविधियों की जानकारी खुद ही समय-समय पर सार्वजनिक करता रहे।

सरकार को सलाह देने की भूमिका
मांग है कि बोर्ड केंद्र व राज्य सरकारोंध्केंद्र शासित प्रदेशों को सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से जुड़े हर पहलू पर लगातार सलाह दे, जैसा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 215-ख(2) में तय किया गया है।

एनजीओ और आम नागरिकों की भागीदारी
मांग की गई है कि बोर्ड गैर-सरकारी संगठनों और आम नागरिकों से सीधे जुड़े, उनकी शिकायतों व सुझावों पर गौर करे और उसके आधार पर सरकार को सलाह दे।

शिकायत सुनने की ठोस व्यवस्था
मांग है कि बोर्ड शिकायतें व सुझाव लेने के लिए अलग ई-मेल आईडी बनाए, एक डैशबोर्ड तैयार करे जिससे पता चले कि किस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था हो, और एक वेब पोर्टल पर बोर्ड की सलाहें समय-समय पर अपलोड होती रहें।

तय समय में सरकार का जवाब
मांग की गई है कि केंद्र या संबंधित राज्य सरकार, बोर्ड की सिफारिशों पर अदालत द्वारा तय की गई समय-सीमा के भीतर फैसला ले, ताकि मामला लटका न रहे।

सिफारिशों पर अमल की निगरानी
मांग है कि बोर्ड अपनी सिफारिशों पर आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी निगरानी के लिए भी एक तंत्र बनाए, ताकि सिफारिशें सिर्फ कागज पर न रहें बल्कि सड़क सुरक्षा में असल सुधार दिखे।

आगे क्या होगा ?
अधिवक्ता जैन ने बताया कि बोर्ड बनने के बाद अब असली चुनौती इसे सक्रिय रूप से काम पर लगाना है - जैसे सड़क सुरक्षा नीतियां बनाना, वाहनों में लगे लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और स्पीड गवर्नर जैसे सुरक्षा उपकरणों की निगरानी करना और राज्यों के साथ तालमेल बिठाना।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपने सभी आदेशों के पालन पर एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी, जिसमें कोर्ट यह भी देखेगा कि बोर्ड कितनी तेजी से काम शुरू कर पाया है और ऊपर बताई गई मांगों पर सरकार व बोर्ड का क्या रुख है।

अधिवक्ता जैन द्वारा सड़क सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अब तक 35 याचिका दाखिल की जा चुकी हैं जिनमें अनेक याचिकाओं पर सकारात्मक आदेश पारित हो चुके हैं जिनमें प्रमुख रूप से सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों का कैशलेस ट्रीटमेंट, यातायात नियमों के उल्लंघनों को रोकने के लिये इलैक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग, हीट एण्ड रन हादसों में मुआवजे का भुगतान, हादसों में आहत व्यक्तियों को अन्तरिम राहत, उत्तर प्रदेश सरकार के चालान माफी के अध्यादेश को आंशिक रूप से वापिस लेना आदि हैं।

देखना होगा कि यह गठन सिर्फ कागजी न रहे
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन के लिए मैंने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 215-ख के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। यह मामला अदालत में तीन बार सुना गया, और अंततः बोर्ड के गठन की अधिसूचना जारी हुई। यह मेरे लिए संतोष की बात है, लेकिन यह गठन सिर्फ कागजी नहीं होनी चाहिए। हर दिन की देरी सीधे इंसानी जिंदगियों से जुड़ी है - जब देश हर साल पौने दो लाख से ज्यादा नागरिकों को सड़क हादसों में खो रहा है, तो यह बोर्ड सिर्फ बनना नहीं, बल्कि तुरंत और असरदार तरीके से काम करना चाहिए। यह सवाल संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक के जीवन के अधिकार से भी जुड़ा है। अब देखना यह है कि केन्द्र व राज्य सरकारें बोर्ड के निदेशों का कितने प्रभावशाली ढंग से कार्यान्वित करती हैं। सड़क सुरक्षा केवल सरकार या अदालत का विषय नहीं, यह हर नागरिक के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। यदि बोर्ड के निदेशों के अनुपालन में केन्द्र सरकार या राज्य सरकार कमी छोड़े तो बोर्ड को वह विषय सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाना होगा ताकि कोर्ट समुचित निदेश अपने स्तर से जारी कर सके।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

बिगलीक्स

Agra News: A Class 10 student caused an explosion at Agra’s SRK Mall; two friends and a female student were with him…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के एसआरके मॉल में 10वीं के छात्र ने किया धमाका. दो...

आगरा

Agra Live News: High Court takes a stern view on the Taj Mahal and Tejo Mahalaya dispute; seeks a response from the ASI and the Central Government…#agranews

आगरालीक्स…ताजमहल और तेजो महालय विवाद पर हाईकोर्ट सख्त. एएसआई और केंद्र सरकार...

आगरा

Agra News: Explosion at SRK Mall in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के एसआरके मॉल में धमाके की आवाज से मच गई दहशत....

बिगलीक्स

Agra News: Bhumi Pujan held for the Yamuna bridge connecting Dayalbagh to Khandauli…#agranews

आगरालीक्स…आगरा के दयालबाग को खंदौली से जोड़ने वाले यमुना पुल का हुआ...

error: Content is protected !!