आगरालीक्स…आगरा के उद्योगपति और सामाजिक संगठन शहर के विकास में निभा रहे अहम भूमिका. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नेशनल चैंबर आफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के 78वें स्थापना दिवस में लिया भाग
आगरा के उद्योगपति, उद्यमी एवं सामाजिक संगठन शहर को आर्थिक केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता से आगरा के समग्र विकास को नई गति मिल रही है। यह कहना है भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का. आज बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वाटरवर्क्स चौराहा स्थित अग्रवन में नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स यूपी के 78वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और भारत निर्वाचन आयोग विश्व की सबसे बड़ी चुनाव प्रबंधन संस्था है. उन्होंने कहा कि लगभग 95 करोड़ मतदाताओं वाले देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक दायित्व है. उन्होंने अपने छात्र जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 1985 में आईआईटी कानपुर से अध्ययन पूरा करने के बाद उन्हें अमेरिका के एक विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति प्राप्त हुई थी, लेकिन अपनी माताजी की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने विदेश न जाने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि जीवन के उस निर्णय ने उनके सार्वजनिक जीवन की दिशा बदल दी और आज उन्हें देश की सेवा करने का अवसर मिला है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के अधीन लगभग 1.80 करोड़ अधिकारी एवं कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया में कार्य करते हैं, जिससे यह विश्व की सबसे बड़ी चुनाव प्रबंधन व्यवस्था बनती है. उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के प्रभावी संचालन एवं समन्वय के लिए आयोग ने ईसीआई नेट प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसमें चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव केवल संविधान, जनप्रतिनिधित्व कानूनों तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ही संपन्न कराए जाते हैं. मतदाता सूची प्रकाशित होने से पूर्व उसका परीक्षण राजनीतिक दलों की सहभागिता से किया जाता है. मतदान से पहले प्रत्येक मतदान केंद्र पर मॉक पोल कराया जाता है तथा प्रत्याशियों द्वारा नियुक्त पोलिंग एजेंट पूरी प्रक्रिया के साक्षी होते हैं. इसी प्रकार मतगणना भी प्रत्याशियों के काउंटिंग एजेंटों की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न होती है. उन्होंने कहा कि मतदान प्रतिशत किसी भी लोकतंत्र में जनता के विश्वास का महत्वपूर्ण संकेतक होता है.एसआईआर पर भी बोले चुनाव आयुक्त
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाना है. इस प्रक्रिया में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट तथा विदेशी व्यक्तियों के नामों की पहचान कर मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है, ताकि सभी पात्र भारतीय नागरिकों के नाम सूची में सुनिश्चित किए जा सकें. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर अनेक प्रकार के नैरेटिव सामने आते हैं, लेकिन लोकतंत्र की मजबूती का आधार सही जानकारी, संवैधानिक व्यवस्था और तथ्यात्मक समझ है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे चुनाव प्रक्रिया को समझें, मतदान अवश्य करें तथा केवल प्रमाणिक एवं तथ्यपरक जानकारी पर ही विश्वास करें. उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जागरूक मतदाता होता है. प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान केवल उसका अधिकार ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उसका महत्वपूर्ण दायित्व भी है.
कार्यक्रम में मनोज कुमार बंसल, नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, अनिल गर्ग, मनीष अग्रवाल, केशव दत्त गुप्ता सहित चैंबर के पदाधिकारी, सदस्यगण मौजूद रहे.