आगरालीक्स…आगरा के लघु और मध्यम उद्योगों को स्केल कर ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर हुआ मंथन. विशेषज्ञों ने कहा कि उत्पादन प्रक्रिया सुधार,लागत नियंत्रण और टेक्नोलॉजी प्रयोग का समन्वय देगा उद्योगों को गति
आगरा के एमएसएमई सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से चेंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा नेशनल एंटरप्रेन्योरशिप नेटवर्क और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आज "लघु और मध्यम उद्यम एक्सेलेरेट प्रोग्राम के ज़रिए आगरा के SMEs का विस्तार" एवं इंडस्ट्रियल कंप्लायंस अवेयरनेस प्रोग्राम का भव्य आयोजन होटल हॉलिडे इन, आगरा में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रमुख रूप से चेंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत, उपाध्यक्ष नितिन गोयल, अभिहित अधिकारी महेंद्र श्रीवास्तव - असिस्टेंट कमिश्नर फूड द्वितीय, पराग अग्रवाल, तरुणा कुमारी, मुख्य सलाहकार मनीष कुमार अग्रवाल रावी, महासचिव अनुज सिंघल उपस्थित थेकार्यक्रम की प्रस्तावना एवं स्वागत उद्बोधन CFPIA के सचिव विकास चतुर्वेदी द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि आगरा के लघु उद्योगों को स्केल करने और ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए ऐसे कार्यक्रम उद्योगों के लिए समय की मांग हैं। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सलाहकार मनीष कुमार अग्रवाल रावी द्वारा किया गया।

वाधवानी फाउंडेशन के विशेषज्ञ सत्र
वाधवानी फाउंडेशन की टीम ने आगरा के उद्यमियों को बिजनेस स्केलिंग के 3 प्रमुख स्तंभों पर मार्गदर्शन दिया:
बिजलेा ग्रोथ स्ट्रेटजी एंड मार्केट एक्सपेंशन पर नीता प्रसाद ने कहा कि नए बाजारों में प्रवेश, ब्रांड बिल्डिंग और सेल्स चैनल बढ़ाने की रणनीतियों को और मजबूत करना होगा। आपरेशनल एफीशिएंसी एंड इनोवेशन पर तरुणा कुमार ने बताया कि प्रोडक्शन प्रोसेस सुधार, लागत नियंत्रण और टेक्नोलॉजी के उपयोग से दक्षता बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय इंडस्ट्री को अपनाने होंगे। वहीं फाइनेंशियल प्लानिंग एंड एक्सेस टू कैपिटल पर पराग अग्रवाल ने कहा कि व्यवसाय विस्तार के लिए फंडिंग विकल्प, वर्किंग कैपिटल और निवेशकों को आकर्षित करने के तरीकों को समझने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यवसाय विस्तार के लिए फंडिंग एवं वर्किंग कैपिटल दी जा रही है।
मुख्य वक्ता महेंद्र कुमार ने कहा कि आगरा सहित उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। सरकार द्वारा समय-समय पर खाद्य सुरक्षा को लेकर नई नीतियां और योजनाएं लाई जाती हैं। उद्यमियों को इन्हें समझना होगा। "जो हम खा सकते हैं, उसी को हमें खिलाना है" - इस मूल भावना के साथ उद्यमियों को काम करना होगा। खाद्य सुरक्षा विभाग व्यावहारिक धरातल पर उद्यमियों के बीच सक्रियता से कार्य कर रहा है। खाद्य सामग्री सीधे स्वास्थ्य पर असर डालती है, इसलिए खाद्य उत्पादकों में सजगता की अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों ने विशेषज्ञों से वन-टू-वन चर्चा कर अपने व्यवसाय की समस्याओं का समाधान भी पाया। कार्यक्रम के अंत में संस्था अध्यक्ष राजकुमार भगत ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, सहयोगी संस्थाओं NEN वाधवानी फाउंडेशन, CFPIA टीम और उपस्थित सभी प्रतिभागियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उद्यमी शैलेश अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, तुषार गुप्ता, मनोज बसरानी, अंकित गुप्ता, अमित गर्ग, आकाश गुप्ता, मोहित गर्ग, स्पर्श बंसल, अनुराज अग्रवाल, सजल गर्ग, जय अग्रवाल, विकास जैन, अभिषेक जैन, मोहित सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं अपरार्क शर्मा( एडमिनिस्ट्रेटर) द्वारा संभाली गईं।