आगरालीक्स…आगरा के आइटीआई बल्केश्वर का होगा कायाकल्प. 5.59 करोड़ से आधुनिकीकरण और निर्माण कार्य होगा. आधुनिक प्रयोगशालाओं, नई कार्यशालाओं और प्लेसमेंट सेल से बढ़ेंगे युवाओं के रोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम, कौशल युक्त और रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के इसी विजन के तहत बल्केश्वर स्थित स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) के आधुनिकीकरण और कायाकल्प का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। वर्ष 2025 में योगी सरकार द्वारा संस्थान के समग्र विकास के लिए 5.59 करोड़ रुपये का एक अहम प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद अब जमीनी स्तर पर इसके निर्माण और नवीनीकरण के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है।
1.59 करोड़ से होगा नवनिर्माण और पुराने भवनों का कायाकल्प
आइटीआइ संस्थान को आधुनिक और सुविधाजनक स्वरूप देने के लिए बजट का उचित विभाजन किया गया है। शासन की ओर से नवनिर्माण कार्यों के लिए 1.59 करोड़ रुपये और कायाकल्प व नवीनीकरण के लिए 4 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस बड़ी धनराशि से परिसर में पांच पुराने भवनों के नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जाएगा। इसके तहत जर्जर हो चुकी कक्षाओं की मरम्मत और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। पूरे परिसर के सुंदरीकरण का कार्य भी इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य हिस्सा है, जिससे आइटीआइ का ढांचागत स्वरूप पूरी तरह से हाईटेक हो जाएगा।
आधुनिक प्रयोगशालाओं और प्लेसमेंट सेल से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
इस निर्माण कार्य के तहत परिसर में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशालाएं (लैब) और दो नई कार्यशालाएं (वर्कशॉप) बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही नए सैद्धांतिक कक्षों (थ्योरेटिकल क्लासरूम) का भी निर्माण होगा, जिससे छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के लिए बेहतरीन माहौल मिलेगा। योगी सरकार की मंशा के अनुरूप, युवाओं को सीधे तौर पर रोजगार से जोड़ने के लिए एक विशेष ‘ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल’ भी स्थापित किया जा रहा है। इससे आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक औद्योगिक मांग के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा और मल्टीनेशनल व स्थानीय कंपनियों में रोजगार के सीधे अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर, मिलेंगे बेहतरीन संसाधन
शैक्षणिक ढांचे के विकास के अलावा छात्रों की बुनियादी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिसर के भीतर सुगम आवागमन के लिए नई सड़क, स्वच्छ पेयजल के लिए पानी की बड़ी टंकी और दो नए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सुरक्षा के लिहाज से संस्थान की बाउंड्रीवाल भी नई सिरे से बनाई जाएगी। नोडल अधिकारी शैलेंद्र प्रताप ने बताया कि इमारत के निर्माण और उसकी गुणवत्ता पर काफी बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है। संस्थान में आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए और बेहतर संसाधन मिलेंगे। यह कदम उनके कौशल निखारने और भविष्य संवारने में बेहद मददगार साबित होगा।