आगरालीक्स…अच्छी खबर, आगरा मेें पोइयाघाट पर जल्द फिर से शुरू होगा पैंटून पुल. ये चार और पैंटून पुल हो सकते हैं शुरू. दिवाली से पहले उम्मीद. कई किमी का बचेगा फेर
यमुना नदी पर जनता के इस पार से उस पार आवागमन के लिए एक बार फिर पांच पीपों के पुलों (पैंटून) का अस्थाई निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की पहल पर शासन ने इनके निर्माण और मरम्मत के कार्य के लिए मंजूरी प्रदान करते हुए उत्तर प्रदेश लोकनिर्माण विभाग को 62.38 लाख रुपए की धनराशि भी अवमुक्त कर दी है। कल-कल बहती काली गंदी यमुना के जल में लोहे के पीपे रखकर इन पुलों का निर्माण होने से नदी के दोनों ओर तलहटी में बसे गांवों की आबादी के साथ अन्य तमाम लोगों की जिंदगी की राह में सुगमता आएगी।
इन स्थानों पर बनेंगे पीपा पुल
दयालबाग से पोइया घाट के बीच।
सुरहरा एवं तनौरा नूरपुर के बीच।
नगला चतुरा एवं सिकंदरपुर के बीच।
गिजोली से मऊ (आनंदी भैरव) के बीच।
समोगर घाट पर।
क्षेत्रीय भाजपा विधायक डा. धर्मपाल सिंह ने बताया कि यमुना नदी पर दयालबाग से पोइया घाट तक पीपों के पुल का निर्माण कार्य आज से प्रारंभ हो जाएगा। दीपावली से पूर्व पांचों पुलों को शुरू करने का लक्ष्य है। शासन ने इन पुलों के निर्माण को 62.38 लाख रुपए की धनराशि अवमुक्त कर दी है, जबकि इनकी कुल अनुमानित लागत 178.23 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी पर इन पीपा पुलों के निर्माण से उनकी विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोगों को यमुना नदी पार करने में सुगमता आएगी एवं अन्य विधानसभा क्षेत्रों के गांव और शहर में आने-जाने में सुविधा होगी। इससे क्षेत्रवासी अपने सभी दैनिक कार्य सुगमतापूर्वक कर सकेंगे और ब्याह-बरात के आवागमन में लगने वाला समय भी बचेगा।
गौरतलब है कि यमुना नदी पर हर वर्ष जनसुविधा को ध्यान में रखकर अस्थाई रूप से पीपों के पुलों का निर्माण कराया जाता है, जिन्हें बरसात में बह जाने के डर से हटा दिया जाता है। इन पुलों को बनाने-हटाने का सिलसिला निरंतर लंबे समय से चला आ रहा है। अगर किसी वर्ष नहीं बनते तो प्रभावित क्षेत्र की जनता आवाज उठाने लगती है। हालांकि हर वर्ष इन अस्थाई पीपा पुलों के निर्माण पर सरकारी खजाने से लाखों की धनराशि शासन खर्च करता है। जानकारों का कहना है कि पूर्व में इन पुलों के निर्माण की लागत की भरपाई को पथकर वसूला जाता था, लेकिन अब यह वसूली बंद हो चुकी है। सरकारी धनराशि के अपव्यय को रोकने क्षेत्रीय जनता इन स्थानों पर अब पीपों के अस्थाई पुलों का निर्माण कराए जाने की बजाए पक्के स्थाई पुलों के निर्माण कराए जाने की मांग भी उठा रही है।