कानपुरलीक्स…कानपुर में एमएसएमई पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और लाभों पर हुई चर्चा. यूपीएसआईसी का उद्यमियों संग संवाद
उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय एवं उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से संचालित RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत एकीकृत कार्यशाला का आयोजन आज होटल द प्रिस्टीन, कानपुर में किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने उद्बोधन में रोहित आनंद, अपर निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय तथा प्रबंध निदेशक, यूपीएसआईसी लिमिटेड द्वारा सभी अतिथियों एवं उद्यमियों का स्वागत किया गया।
उद्बोधन के दौरान रोहित आनंद ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है कि शासन की सभी योजनाओं का लाभ हर जिले, हर छोटे क्षेत्र तक पहुंचे और सैचुरेशन हो। उन्होंने कहा कि कई बार योजनाओं का लाभ उन्हीं को मिल पाता है जिनकी पहुंच है, जो सही नहीं है। योजना का लाभ व्यक्तिगत संपर्क पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जानकारी के अतिभार को खत्म करने के लिए विभाग ने दो महत्वपूर्ण टूल बनाए हैं। पहला इंसेंटिव कैलकुलेटर, जिसमें उद्यमी अपना व्यवसाय, निवेश आदि की जानकारी डालेंगे तो टूल खुद बता देगा कि किस विभाग की किस योजना में उन्हें कितना लाभ मिलेगा और वे सीधे वहीं से आवेदन कर सकते हैं। दूसरा टूल डीपीआर बनाने के लिए है, जिसमें मशीनरी और पूंजी की जानकारी डालने पर ड्राफ्ट डीपीआर तैयार हो जाएगा।
आनंद ने कहा कि जमीन की पारदर्शिता के लिए इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया है। अब किसी भी जिले में कितने औद्योगिक प्लॉट खाली हैं, वे मैप पर देखे जा सकते हैं और GeM के माध्यम से नीलामी में पारदर्शी तरीके से आवेदन किया जा सकता है, ताकि उद्यमियों को डीसी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यूपी MSME-1 कनेक्ट पोर्टल, PLEDGE योजना एवं अन्य सहयोग तंत्रों की जानकारी भी दी।
6 महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान
- पीएफआरडीए एवं यूपीएसआईसी के मध्य “एमएसएमई में कार्यरत श्रमिकों के लिए सतत पेंशन कवरेज” हेतु,
- आईआईटी कानपुर एवं यूपीएसआईसी के मध्य “एमएसएमई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग की क्षमता निर्माण” हेतु,
- यूपीएसआईसी एवं आईआईएम लखनऊ के मध्य “एमएसएमई इकाइयों के लिए बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम” हेतु,
- आईआईटी रुड़की एवं एमएसएमई तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के मध्य “ओडीओपी के लिए सस्टेनेबल डिजाइन, पैकेजिंग एवं मटेरियल इनोवेशन” हेतु,
- यूपीएसआईसी एवं फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (FFDC), कन्नौज के मध्य,
- यूपीएसआईसी एवं सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CFTI), आगरा के मध्य।
इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए इच्छुक एमएसएमई उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। यूपीएसआईसी द्वारा आईआईएम लखनऊ के बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम पर 70% और आईआईटी कानपुर के AI इनोवेशन फॉर बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम (बैच-2) पर 82% कोर्स फीस सब्सिडी दी जा रही है।
विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने जानकारी दी –
- ZED सर्टिफिकेशन पर सोनल सग्गी
- सिडबी की वित्तीय योजनाओं पर अभिषेक आनंद, सिडबी
- ईसीजीसी के प्रावधानों पर शाहिद, ईसीजीसी
- स्टॉक एक्सचेंज में एमएसएमई की लिस्टिंग पर सुमित सक्सेना, बीएसई
- बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम पर क्षितिज अवस्थी, IIM लखनऊ
- AI/ML के व्यावसायिक उपयोग पर ए.के.आर. श्रीनिवासन, IIT कानपुर
- PLEDGE योजना, UP MSME-1 कनेक्ट पोर्टल, निर्यात प्रोत्साहन, NSIC एवं ESG प्रैक्टिस पर संबंधित विभागों के विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में जनपद कानपुर सहित मंडल के बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया। यूपीएसआईसी के मुख्य अभियंता प्रभात बाजपेयी ने एमओयू एक्सचेंज सेरेमनी को उद्योग और उद्यमियों की दृष्टि से बहुत ही लाभप्रद बताया और कहा कि विभाग लगातार उद्यमियों के औद्योगिक विस्तार में अपनी सहायता प्रदान कर रहा है। अंत में ज्वाइंट कमिश्नर, कानपुर द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।