आगरालीक्स… आगरा में बडे रेस्टोरेंट में एफएसडीए की टीम ने एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक पकडी, किचिन में गंदगी मिले, रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस दिया गया है।
आगरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल स्थित पिंड बलूची रेस्टोरेंट में शनिवार शाम को खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुंजन शर्मा और जगवीर सिंह ने निरीक्षण के लिए पहुंची। यहां किचिन में गंदगी मिली, खाद्य पदार्थ बनाने में साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। वे कोल्ड ड्रिंक देखने लगे तो वहां से दो कोल्ड ड्रिंक एक्सपायर डेट की मिली। इन्हें नष्ट करा दिया गया। मीडिया से जिला अभिहित अधिकारी डॉ श्वेता सैनी का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक को नष्ट करा दिया गया, रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस दिया है।
नकली रिफाइंड पकडा
31 जनवरी 2018 को आगरा में बडी ब्रांड का नकली रिफाइंड बिक रहा था, एफएसडीए की टीम ने ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा, यहां से चम्बल और फार्च्यून रिफाइंड ब्रांड का संदिग्ध रिफाइंड जब्त किया गया है। 600 लीटर रिफाइंड सीज कर, तीन सैंपल लिए गए हैं।
आगरा में चम्बल और फार्च्यून रिफाइंड कंपनी के प्रतिनिधियो ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि उनकी कंपनी के नाम से नकली रिफाइंड बिक रहा है। एडीएम सिटी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मंगलवार देर रात दरेसी नंबर तीन में स्थित आगरा भोगांव ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा। टीम को यहां फार्च्यून ब्रांड कंपनी का 40 टिन रिफाइंड मिला। अभिहित अधिकारी स्वेता सैनी के अनुसार रिफाइंड के 2 नमूने लिया गया। इसके बाद टीम ने हाथी घाट क्षेत्र में स्थित आगरा टूंडला ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापा मारा। यहां गर्ग एन्ड ब्रदर्स के यहां से चम्बल रिफाइंड माल आता था। इनकी दुकान टूंडला में बताई गई है। इसके मालिक लक्ष्मी गर्ग बताए गए है। आगरा टूंडला ट्रांसपोर्ट कंपनी पर चम्बल रिफाइंड का 40 टीन भरा मिला।
मिलावटी और डुप्लीकेट ब्रांड का बडा मार्केट
आगरा में टमाटर की जगह मैदा, पानी और लाल रंग से टोमेटो सॉप तैयार हो रहा था, नौ रुपये में इसे बेचा जाता था और एमआरपी 25 रुपये थी। इसी तरह एक फैक्ट्री से एफएसडीए की टीम ने कई ब्रांड की एक्सपायर चाय की पत्ती का जखीरा जब्त किया है।
गुरुवार को सहायक खाद्य आयुक्त विनीत कुमार के निर्देशन में छापा मारा गया। उन्होंने बताया कि बसई खुर्द निवासी मुकेश दो साल से लकावली में टोमेटो, चिली सॉस और अचार बनाने की फैक्ट्री चला रहा था। फैक्ट्री में तीन कुंतल सॉस तैयार होता था, चिली सॉस बनाने में हरा रंग, मैदा और खराब मिर्च का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसकी बिक्री अंडे और चाउमीन विक्रेताओं को की जा रही थी। टीम ने सॉस और अचार को नष्ट कराने के साथ सैंपल लिए हैं।