आगरालीक्स… आगरा में स्वच्छता सर्वेक्षण के होर्डिंग लगाने में भी घोटाला हो गया, जिस फ्लेक्स का खुला बाजार रेट 6 रुपये प्रति फीट है, उसके लिए 15 रुपये प्रति फीट का भुगतान कर दिया। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद डीएम द्वारा जांच कराई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा में पांच से नौ मार्च तक स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ, इसके लिए शहर में जगह जगह लोगों को जागरूक करने के लिए होर्डिंग, फ्लेक्स और यूनीफोल लगाए गए।इसके लिए नगर निगम के अधिकारियों ने विज्ञापन एजेंसी के ठेकेदारों के साथ बैठक की, एक एजेंसी को आउटडोर प्रमोशन का काम दिया गया। इसमें बडा खेल कर दिया गया, एजेंसी द्वारा बिल लगाए गए तो उसमें फ्लेक्स का रेट 15 रुपये प्रति फीट लगाया गया, इसे नगर निगम द्वारा मंजूर भी कर दिया गया।
बाजार में छह रुपये का खुला रेट
वहीं, फ्लेक्स का बाजार में खुला रेट छह रुपये प्रति फीट है। इसके बाद भी 15 रुपये प्रति फीट फ्लेक्स का रेट लगाया गया, यह कार्य स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए होना था, ऐसे में रेट कम लगाया जाना चाहिए था। नगर निगम में 15 विज्ञापन एजेंसी काम करती हैं, केवल दो एजेंसियों को ही ठेका दिए जाने और उसके बाद अधिक रेट पर भुगतान होने की जानकारी मिलते ही विज्ञापन एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। बिलों को खंगाला गया तो कुछ जगह पर नगर निगम द्वारा निशुल्क होर्डिंग लगवाए गए, उसे भी बिल में शामिल कर लिया गया।
45 लाख का घोटाला
इस मामले की शिकायत विज्ञापन एजेंसी ने ही जिला प्रशासन से की है, आरोप है कि फ्लेक्स में ही करीब 45 लाख का घोटाला हुआ है, इसके बाद हर काम में कमाई की गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीएम गौरव दयाल का कहना है कि स्वच्छता सेर्वेक्षण की फ्लेक्स खरीद में गडबडी की शिकायत मिली है, इसकी जांच कराई जाएगी।