आगरालीक्स… आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान के क्लर्क को गंभीर आरोप पर बर्खास्त कर दिया है। संस्थान के कुलसचिव डॉ चंद्रकांत त्रिपाठी को भी निलंबित किया गया था वे केंद्रीय हिंदी संस्थान के अहमदाबाद केंद्र पर तैनात हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो नंद किशोर पांडेय ने बताया कि डॉ राकेश गुप्ता ने जांच समिति को सहयोग नहीं किया और उन्हें जांच समिति ने उन पर लगे आरोपों के लिए दोषी मानते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने के लिए संस्थान प्रबंधन को सलाह दी। इसी आधार पर डॉ राकेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
ये लगे थे आरोप
केंद्रीय हिंदी संस्थान के मुख्यालय, आगरा में क्लर्क पद पर तैनात डॉ राकेश गुप्ता पर आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता, कदाचरण, लापरवाही व विश्वासघात के आरोप पर निलंबित कर दिया था। और केंद्रीय हिंदी संस्थान के मैसूर केंद्र से अटैच कर दिया था। डॉ राकेश गुप्ता को संस्थान की ओर से दो आरोप पत्र 25 जनवरी 2017 व 11 मई 2017 को दिए गए और इनका 15 दिन में जवाब देने को कहा गया था। लेकिन जवाब नहीं दिया और केंद्र से गैर हाजिर चल रहे थे। मीडिया से डॉ राकेश गुप्ता का कहना है कि बर्खास्तगी को केंद्रीय हिंदी संस्थान पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि निलंबन के दौरान वह मैसूर केंद्र पर ढाई माह रहे। वह न्याय के लिए हाई कोर्ट जाएंगे।
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