आगरालीक्स… आगरा के एक ही नाले में गिरने से 72 घंटे में 5 मौत के बाद अधिकारियों ने टोटका किया, घटनास्थल पर काले मुर्गे की बलि दी गई, बलि देने के बाद नाले पर बेरीकैटिंग और पुलिस बैरियर लगाया गया है।
आगरा में 28 मार्च को इंडस्ट्रियल एरिया के नाले में कार गिरने से गौरव वर्मा, प्रमोद मिश्रा, और उनकी दोस्त बीए की छात्रा ज्योति उपाध्याय, साक्षी कुशवाह की मौत हो गई थी, इस दर्दनाक हादसे के 72 घंटे से पहले एक और हादसा हो गया, उसी नाले में उसी जगह बाइक गिर गई, बाइक सवार सुनील कुमार निवासी खातीपाडा की मौत हो गई। इसके बाद खूनी नाले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अलग अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं, कोई कह रहा है कि नाले के पास वाहन आते ही वह लहराने लगता है। प्रत्यक्षदर्शी लोहामंडी निवासी शक्ति सिंह का कहना है कि वह मंदिर से लौट रहा था। वह इंडस्ट्रीयल एरिया वाली सड़क पर था। टर्न लेता इससे पहले उसने देखा कि एक बाइक लहराते हुए नाले में गिर पड़ी। छपाक की आवाज आई।
अंधविश्वास में आ गए अधिकारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक न्यूजपेपर में प्रकाशित किया गया है कि एडीए और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर टोटका किया, इसके लिए काले मुर्गे की बलि दी गई, जिससे भूत प्रेत की छाया से छुटकारा मिल सके और हादसे न हों, इसके बाद बेरीकैटिंग कराई गई। नाले का जो हिस्सा खुला हुआ है, उस पर बेरीकैटिंग कराने के साथ पास में ही पुलिस बैरियर भी लगाया गया है।
मेयर का फॉर्म हाउस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घटनास्थल पर मेयर नवीन जैन का फार्म हाउस है, फार्म हाउस के गेट के पास ही दोनों हादसे हुए हैं, इस जगह नाला खुला हुआ है। नाला करीब 20 फीट गहरा है, इसकी सफाई नहीं हुई है और गंदगी से अटा पडा है। इससे नाले में मीथेन गैस बन रही है और नाले में गिरते ही दम घुटने से मौत हो रही है।
शरीर पर चोट नहीं, दम घुटने से मौत
तीन दिन में एक ही नाले में एक ही जगह पर पांच मौत के मामले में पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना आया है। नाले में गिरने से कोई गंभीर चोट नहीं आई है, मुंह पर पेट से गंदा पानी निकला है। गिरने के कुछ देर बाद ही मौत हो रही है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर