आगरालीक्स… आगरा में कारोबारी को घाटा हुआ तो उसने अपने 10 साल के भाई का ही अपहरण करा दिया और मां से 50 लाख रुपये फिरौती वसूलनी थी, यमुना एक्सप्रेस वे के पास किडनैपर कारोबारी के भाई को छोड कर भाग गए थे। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ के बाद मामला खोल दिया। कारोबारी के साथ ही अपहरण में शामिल अन्य लोगों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है।
आगरा में सोमवार 11 जून रात को यमुना एक्सप्रेस वे इंटरचेंज खंदौली के पास आलू कारोबारी व प्रोविजनल स्टोर संचालक नुकपुर खंदौली निवासी महेश अपने 10 साल के छोटे भाई देवेंद्र और बेटे के साथ कार से घर जा रहा था। बाइक सवार बदमाश देवेंद्र को किडनैप कर ले गए थे। पुलिस छानबीन में जुटी थी कि नाटकीय अंदाज में मंगलवार सुबह आठ बजे देवेंद्र को 20 रुपये देकर किडनैपर यमुना एक्सप्रेस वे पर छोड गए थे। महेश ने पुलिस को बताया था कि अपहरणकर्ता देवेंद्र को मोटरसाइकिल से लिंक रोड होते हुए वृंदावन ले गए थे। वहां एक मकान में रात भर उसे रखा। उसे फ्रूटी, जलेबी आदि नाश्ता कराया। बस उसे यह कहते रहे कि रोया या चीखा को मार डालेंगे। रातभर उसे वहां रखकर सुबह आठ बजे यमुना एक्सप्रेस वे के खंदौली कट पर मोटरसाइकिल से उतार दिया था।
50 लाख के लिए भाई का कराया अपहरण
सीओ अतुल कुमार सोनकर और एसओ खंदौली प्रशांत त्यागी ने बताया कि महेश की बातों से शक गहराता गया, उसके पास तीन मोबाइल नंबर थे लेकिन दो ही बताए, पुलिस को भी देर में सूचना दी थी। किडनैपर क्यों छोड गए, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे थे। पुलिस को महेश ने बताया कि उसकी मां की पहली शादी खंदौली के सेमरा निवासी सुभाष से हुई थी। महेश उन्हीं की संतान है। सुभाष की मौत के बाद मां ने नेकपुर, खंदौली निवासी कन्हैया लाल से दूसरी शादी कर ली। इस तरह देवेंद्र महेश का सौतेला भाई है, देवेंद्र के पिता की भी मौत हो चुकी है और देवेंद्र की प्रोपर्टी की मालकिन उसकी मां है। आलू में महेश को नुकसान हो गया था, उसने अपनी मां से 50 लाख रुपये वसूलने के लिए छोटे भाई को किडनैप करने की कहानी बनाई। इसके लिए महेश ने दोस्त आजाद पुत्र लियाकत निवासी नेकपुर, खंदौली के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची। आजाद के ही माध्यम से बदमाश सुग्रीव से संपर्क किया और उसके ही माध्यम से एक लाख रुपये एडवांस भिजवाए थे। सुग्रीव ने देवेंद्र का अपहरण किया, अपहरणकर्ताओं से देवेंद्र को छुडाने के लिए महेश द्वारा अपनी मां से 50 लाख रुपये दिलवाने थे, इसमें से 10 लाख बदमाशों को मिलने थे और 40 लाख महेश अपने पास रखता।