आगरालीक्स.. आगरा के नारी संप्रेक्षण ग्रह की पूर्व अधीक्षिका गीता राकेश आखिरी सांस तक आजीवन कारवास की सजा सुनाई गई है, उन पर कोठे से पकडी गई युवतियों को वेश्यावृत्ति के धंधे में डालने का दोषी मना गया है। कोर्ट में कुछ इस तरह कार्रवाई चली।
शनिवार को आगरा के दीवानी स्थित कोर्ट में स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) अनिल कुमार द्वितीय के कोर्ट लगा। खचाखच भरे कोर्ट में जिला जेल से गीता राकेश निवासी फ्रेंड्स कालोनी, इटावा पेश हुईं, वे कोर्ट में एक कोने में गीता राकेश बैठी हुई थी, कोर्ट में स्पेशल जज ने गीता राकेश से दोष सिदृध् होने पर कोई शंका है तो अपना पक्ष रखने के लिए कहा, इस पर उनके वकील खडे हुए
थोडी देर सन्नाटा रहा
इसके बाद दोष सिदृध् होने पर सजा को लेकर पूछा
इस पर अभियोजन के अधिवक्ता गोपाल क्रष्ण गुडिया संस्था, मेघ सिंह यादव और सरोज यादव ने कहा कि इस दोष में अंतिम सांस तक आजीवन कारावास न्यूनतम सजा होनी चाहिए। स्पेशल जज ने नोटिंग लिखी और सजा सुनने के लिए कुछ देर बाद पत्रावाली पेश करने के लिए कहा।
दोपहर दो बजे
स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) अनिल कुमार द्वितीय ने पढकर चार पेज का फैसला सुनाया, अलग अलग दोषों में उन्हें सजा और अर्थदंड लगाया गया, इस तरह उन्हें आखिरी सांस तक (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई ।कोर्ट ने उस पर 5.51 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
रोने लगी गीता राकेश
एक कोने में कुर्सी पर बैठी गीता राकेश कोर्ट का फैसला सुनने के बाद रोने लगी, कोर्ट खचाखच भरा हुआ था। यह देश का पहला निर्णय हैं जिसमें इस तरह के मामले में अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। 15 महीने में कोर्ट ने अपना फैसला दिया है।

यह था मामला
इलाहाबाद के मीरगंज इलाके से मई 2016 में गुड़िया संस्था ने रेस्क्यू ऑपरेशन करके 67 महिलाओं और 37 बच्चों को मुक्त कराया था। इनको 20 मई 2016 को आगरा के नारी संप्रेक्षण गृह में भेजा गया था। उन्हें एक साल तक रखा जाना था।
बिना आदेश के संवासनियों और बच्चों को छोड़ा
इनमें से 22 महिलाओं को अलग-अलग कोर्ट के आदेश पर उनके परिवारीजनों के सुपुर्द किया गया था। इसके बाद गीता राकेश ने बिना किसी आदेश के 21, 22 और 23 मई 2017 को 43 संवासनियों और आठ बच्चों को छोड़ दिया।
गीता राकेश ने इसके लिए न तो प्रार्थनापत्र लिए, न पहचान पत्र और न ही बंधनपत्र भरवाए थे। इलाहाबाद एसडीएम सदर को सामाजिक संस्था गुड़िया के सुनील ने शिकायत की थी। इसके बाद जांच की गई। जांच के बाद महिला कल्याण विभाग के उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी पुनीत कुमार मिश्र ने एक जून 2017 को थाना एत्माद्दौला में मानव तस्करी, पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। गीता राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे जेल भेजा गया था।