आगरालीक्स… आगरा में आग की लपटों के बीच घिरी कारोबारी की पत्नी और बच्चे को बचाने में सिपाही ने जान लगा दी, सिपाही की हालत बिगडने पर भर्ती किया गया है, कारोबाी की पत्नी 50 फीसद जल गई है, उसका इलाज दिल्ली के निजी अस्पताल में चल रहा है।
आगरा पुलिस का कहना है कि कोतवाली क्षेत्र के बेगम डयोढी में आरिफ का जूते का कारखाना है, मकान की दूसरी मंजिल पर वह अपनी पत्नी शबाना और बेटे अरहान के साथ रहता है। कारखाना सकरी गली में है, शनिवार रात 11 बजे कारखाने में आग लग गई, देखते ही देखते आग बेकाबे होती गई और घर को भी चपेट में ले लिया। दूसरी मंजिल से नीचे उतरने का रास्ता भी कारखाने के अंदर से होकर जाता है, रास्ते में आग की लपटें तेज होती गई, चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग पहुंच गए उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन लपटें तेज होती गईं।
जान की बाजी लगाकर आग की लपटों के बीच घुसा सिपाही
इसी दौरान लोगों ने अग्निशमन विभाग और 100 नंबर पर फोन कर दिया, पीआरवी 16 पहुंच गई। आग में पफंसी मां और बेटे की चीख पुकार सुनकर सिपाही कौशलेंद्र ने साहस दिखाया, वह पडोस के घर की छत से होते हुए मकान की दूसरी मंजिल पर पहुंचा। आग की लपटों और धुआं के बीच से शबाना और उनके बेटे अरहान को बाहर निकाला।
शबाना 50 फीसद जली, सिपाही की बिगडी तबीयत
आग की लपटों के साथ कमरे में धुआं भरा हुआ था, शबाना 50 पफीसद जल चुकी थी। शबाना और उनके बेटे को सिपाही ने बाहर निकाला, कमरे में धुआं भरा होने से सिपाही कौशलेंद्र की सांस फूलने लगी, उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसकी हालत में सुधार है। शबाना का इलाज दिल्ली के निजी अस्पताल में चल रहा है।