आगरालीक्स ..अपराधी शातिर क्यों ना हो, कुछ सुबूत छोड जाता है, एक ऐसे ही सुबूत से आगरा पुलिस ने संजली हत्याकांड का खुलासा किया है, हत्याकांड की गुत्थी उलझने पर सर्विलांस की मदद से आगरा पुलिस हत्याकांड का खुलासा कर सकी।
आगरा में 18 दिसंबर को अशपर्फी देवी छिददू सिंह इंटर कॉलेज से साइकिल से घर लौट रही 10 वीं की छात्रा संजली पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी, अगले दिन उसकी मौत हो गई, उसके छह घंटे बाद मास्टरमाइंड संजली का तयेरे भाई योगेश ने सुसाइड कर मौत की गुत्थी को उलझा दिया।
दो घटनाएं और एक नंबर
राजनीति गर्माने और परिचित के हत्याकांड में शामिल होने से पुलिस को हत्यारों को पकडने में मुश्किल आ रही थी, परिजन भी कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। पूछताछ में सामने आया कि संजली को जिस जगह जलाया गया, उसी जगह 23 नवंबर को संजली के पिता हरेंद्र पर हमला किया गया था। पुलिस की जांच आगे बढी, सर्विलांस की मदद से पुलिस को 23 नवंबर और 18 दिसंबर को संजली को जिस जगह जलाया गया था वहां एक मोबाइल नंबर की लोकेशन मिली, पुलिस ने परत दर परत जांच की और हत्याकांड में शामिल योगेश के मामा के बेटे विजय और उसके रिश्तेदार आकाश तक पुलिस पहुंच गई।
एक तरफा प्यार में क्राइम पेट्रोल और सीरियल देखकर की हत्या
योगेश ने पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की, वह घर से अपने साथ दो जोडी कपडे लेकर निकला, अपनी बाइक खेरागढ में दोस्त के घर खडी कर दी, उसकी अपाचे बाइक से आया, सिकंदरा के कलवारी निवासी विजय और उसका रिश्तेदार शास्त्रीपुरम निवासी आकाश दूसरी पेशन प्रो से थे। पेट्रोल पंप से पेट्रोल डलवाई, इसके बाद अपने कपडे बदल दिए। अपाचे आकाश को दे दी, वह खुद पीछे बैठ गया, आकाश से कहा कि संजली के पास पहुंचते ही बाइक की स्पीड कम कर ले। आकाश ने स्पीड कम की और योगेश ने पेट्रोल डालने के बाद आग लगा दी, हाथ ना झुलसें, इसके लिए सर्जिकल ग्लब्स इस्तेमाल किए। अपाचे बाइक पर आकाश के पीछे बैठा योगेश भी आ गया था लेकिन पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी।