आगरालीक्स …आगरा में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों की शहादत पर गम और गुस्सा है, पुलिस थाने से लेकर स्कूल, बाजार और कार्यालय में श्रदृांजलि दी गई। घर से लेकर दुकानों पर शहीदों की शहादत और आतंकी हमले के गुनहगारों को चुन चुनकर मारने की चर्चाएं चली रही हैं।
आगरा के कहरई गांव के कौशल किशोर रावत (48) रावत सीआरपीएफ में नायक (एएसआई) के पद पर तैनात थे। वह 115 बटालियन में सिलिगुड़ी में नियुक्त थे। कुछ दिन पहले ही कश्मीर में 76 बटालियन में तैनाती हुई थी। इसमें ज्वाइन करने के लिए ही पहुंचे थे कि आतंकी हमला हो गया। वह तीन दिन पहले छुटटी से लौटे थे। कौशल किशोर की नई बटालियन में ज्वाइनिंग गुरुवार को ही होनी थी। वह इसी के लिए जा रहे थे। इससे पहले सड़क पर बर्फ जमी होने के कारण काफिला जा नहीं पा रहा था। ज्वाइनिंग के दिन ही उनकी शहादत हो गई।
सरकार मेरा लाल वापस कर दे
शहीद कौशल किशोर रावत के पिता गीताराम रावत और मां का बुरा हाल है, उनकी मां कह रहीं है कि सरकार मेरा लाल वापस कर ले, मैं उसे एक बार छाती से चिपका लूं।
गुडगांव में रहती हैं पत्नी और बच्चे
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। उनके तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी अपूर्वा सबसे बड़ी है। उसकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा अभिषेक रूस से एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा विकास गुड़गांव में ही मां के साथ रहता है।
शहीद कौशल किशोर की पत्नी और बच्चे गुड़गांव में रहते हैं। परिवार के कई और लोग उनके साथ रहते हैं। कौशल ने वहां मकान बना लिया था। शहादत की खबर आते ही परिजन पैतृक निवास कहरई के लिए चल दिए। कौशल के तीन बच्चों में दो बेटे और एक बेटी है। बेटी अपूर्वा सबसे बड़ी है। उसकी शादी हो चुकी है। बड़ा बेटा अभिषेक रूस से एमबीबीएस कर रहा है। छोटा बेटा विकास गुड़गांव में ही मां के साथ रहता है। वह 12 वीं कर रहा है।