आगरालीक्स.. आगरा की दीवानी में यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह की हत्या की परत दर परत खुल रही हैं, इंस्पेक्टर सतीश यादव को देख भडका मनीष, मनोज पर तान दी पिस्टल, दरवेश को मारी चार गोली और खुद को भी गोली मार ली। पुलिस आठ चश्मदीदों के बयान दर्ज करेगी, दो के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
आगरा में 12 जून को यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश सिंह की हत्या में पुलिस जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। इन तथ्यों के अनुसार दरवेश सिंह के स्वागत समारोह में साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा नहीं था, ऐसे में दरवेश सिंह ने फोन कर अधिवक्ता विनीत गुलेच्छा से कहकर मनीष को बुलवाया था। वह चाहती थीं कि समारोह में मनीष भी शामिल हो तो अच्छा रहेगा। एडवोकेट विनीत अपने साथ मनीष को लेकर दीवानी पहुंचा। मनीष शर्मा ने चिंताहरण मंदिर पर दरवेश को जीत की बधाई देते हुए मिठाई खिलाई।
चैंबर में दरवेश के साथ सतीश को देख भडक गया मनीष

स्वागत समारोह के बाद दरवेश सिंह वरिष्ठ एडवोकेट डॉ अरविंद मिश्रा के चैंबर में चली गईं, कुछ देर बाद मनीष शर्मा वहां पहुंचा। वहां चैंबर में इंस्पेक्टर सतीश यादव मौजूद था, उसे देख मनीष शर्मा भडक गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मनीष ने पूछा कि सतीश को किसने बुलाया है। मनीष द्वारा अभद्र व्यवहार करने पर दरवेश सिंह के मौसेरे भाई मनोज ने उससे इस तरह बात करने से मना किया। इस पर मनीष भडक गया, उसने मनोज पर पिस्टल तान दी।
दरवेश को मारी चार गोली

पीएम रिपोर्ट में दरवेश सिंह के चार गोली लगने की बात सामने आई है, इसमें से कनपटी पर मारी गोली दूसरी तरफ से पार होकर निकल गई, एक गोली सीने में मारी, यह भी पा हो गई, तीसरी गोली सीने में मारी यह पीठ के पिछले हिस्से में जाकर फंस गई और चौथी गोली हाथ में फंसी रह गई। इसके बाद मनीष ने खुद को गोली मार ली।
मैनपुरी में तैनात है इंस्पेक्टर सतीश यादव
मैनपुरी में तैनात इंस्पेक्टर सतीश यादव दरवेश यादव के परिचित होने के नाते से उन्हें बार काउंसिल का अध्यक्ष बनने पर जीत की बधाई देने आए थे। मनीष को विवाद करते देखकर वह चैंबर से चले गए। इसके बाद ही मनीष ने ताबड़तोड़ फायरिंग करके दरवेश सिंह की हत्या कर दी। खुद की कनपटी पर भी गोली मार ली।