आगरालीक्स ..आगरा में डॉक्टरों की हडताल के दौरान जूनियर डॉक्टर और तीमारदार के बीच स्वस्थ्य विवाद सुनिए, यह दिखाता है कि समस्या की जड क्या है, जिससे डॉक्टरों पर मरीज हाथ उठा रहे हैं जो उन्हें भगवान के तुल्य मानते हैं और उनके सामने इलाज के लिए गुहार लगाते हैं। मगर, भीडतंत्र में चंद लोग चिकित्सकीय पेशे को तो कुछ मरीज और तीमारदार डॉक्टर और मरीज के रिश्तों में पडी दरार को और बढा रहे हैं। जिससे आए दिन एसएन, निजी क्लीनिक सहित देश भर में आए दिन डॉक्टर और मरीज के बीच मारपीट और तोडफोड हो रही है।
नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एनआरएस अस्पताल) में मरीज की मौत के बाद पहुंची भीड ने दो जूनियर डॉक्टरों की पिटाई कर दी थी। इसके विरोध में देश भर में डॉक्टर और जूनियर डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है। इसे लेकर 17 जून सुबह छह बजे से निजी चिकित्सक 24 घंटे की हडताल पर चले गए हैं, वे इस दौरान ओपीडी में मरीजों को नहीं देखेंगे, नए मरीज भी भर्ती नहीं किए जाएंगे। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को ही इलाज दिया जाएगा।
सोमवार सुबह जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दी। एसएन में ओपीडी के बाहर वी वांट जस्टिस के नारे लगाए। इस दौरान इलाज के लिए दूर दराज से गर्मी में आए मरीज गिडगिडाते रहे।
जूनियर डॉक्टर और तीमारदार में विवाद
हडताल के दौरान जूनियर डॉक्टर और तीमारदार में विवाद भी हुआ, जूनियर डॉक्टरों ने अपनी समस्या रखी तो तीमारदार ने जूनियर डॉक्टरों को सैलरी देने के बाद भी इलाज न करने पर सवाल उठाए, करीब एक मिनट तक यह विवाद चलता रहा।