आगरालीक्स ..आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने में 2133 करोड रुपये खर्च किए जा रहे हैं,पूरे शहर में 1200 सीसीटीवी लगाए गए हैं, ये जुलाई में काम करने लगेंगे। स्मार्ट सिटी के तहत नौ वार्ड जिसमें नगला मेवाती, धांधूपुरा, विभव नगर, कटरा फुलेल, तेलीपाड़ा, रावतपाड़ा, मोतीगंज, पीपलमंडी, कलाल खेरिया और आगरा कैंट शामिल है।
चार साल होने पर काटा केक
स्मार्ट सिटी सभागार में मेयर नवीन जैन और नगरायुक्त अरुण प्रकाश ने केक काटा। 25 जून 2015 को स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और पीएम शहरी आवास योजना की नींव रखी गई थी। पीएम आवास योजना में अब तक छह हजार लाभार्थियों को लाभ मिल चुका है। बीस हजार लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
ये है स्मार्ट सिटी के काम
कार्य का नाम : डेवलपमेंट ऑफ हेरिटेज वाक। लागत 3.46 करोड़। शुरुआत छह मई 2018।
सात चौराहों का सुंदरीकरण। लागत 6.97 करोड़। शुरुआत 19 जून 2018।
ताजमहल के आसपास सुंदरीकरण का कार्य। लागत 3.08 करोड़। शुरुआत 23 अगस्त 2018।
दरेसी रोड पर विकास कार्य। लागत 97 लाख। शुरुआत 29 सितंबर 2018।
माइक्रोस्किल डेवलपमेंट सेंटर। लागत दो करोड़। शुरुआत दस मई 2018।
फतेहाबाद रोड का सुंदरीकरण। लागत 105 करोड़। 29 अगस्त 2018।
आठ लोकेशन पर पब्लिक टॉयलेट का निर्माण। लागत 3.99 करोड़। शुरुआत दस मई 2018।
मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर। लागत 282 करोड़। शुरुआत 29 अगस्त 2018।
स्ट्रीट वेंडिंग जोन का निर्माण। लागत 3.33 करोड़। शुरुआत 22 जून 2018।
नगर निगम ताजगंज के स्कूल का सुंदरीकरण। लागत 1.24 करोड़। शुरुआत 11 अक्टूबर 2018।
डिजिटल एजुकेशन ताजगंज इंटर कॉलेज। लागत 61 लाख। शुरुआत 10 मई 2018।
वूमेन डिस्ट्रेस और हेल्थ सेंटर। लागत 3.40 करोड़। शुरुआत 22 दिसंबर 2018।
जंक्शन इंप्रूवमेंट, पैन सिटी। लागत 2.22 करोड़। शुरुआत 22 दिसंबर 2018।
इंप्रूवमेंट ऑफ ताज ईस्ट ड्रेन। लागत 26.09 करोड़। शुरुआत 22 दिसंबर 2018।
रिहेबिलिटेशन ऑफ मेजर रोड। लागत 99.36 करोड़। शुरुआत एक मार्च 2019।
रिहेबिलिटेशन ऑफ माइनर रोड (सीसी रोड)। लागत 79.83 करोड़। शुरुआत 9 मई 2019।
रिहेबिलिटेशन ऑफ माइनर रोड (डामर रोड)। लागत 74.62 करोड़। शुरुआत नौ मई 2019।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट। लागत 3.83 करोड़। शुरुआत नौ मई 2019।
चौबीस घंटे वाटर सप्लाई मीटरिंग स्काडा सिस्टम। लागत 142 करोड़। शुरुआत नौ मई 2019।
सीवरेज नेटवर्क। लागत सौ करोड़। शुरुआत नौ मई 2019।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निर्माण। एनओसी न मिलने से काम शुरू नहीं हुआ। लागत 400 करोड़।