आगरालीक्स.. आगरा में बडे दो कारोबारियों से एक करोड की रंगदारी मांगने पर पुलिस एक करोड रुपये से भरा बैग ( सांकेतिक) लेकर पहुंची, रंगदारी मांगने वाले दो लोगों को अरेस्ट लिया, इसमें से एक बर्खास्त प्रिंसिपल है।
सदर के शहजादी मंडी निवासी भगवत स्वरूप सिंघल का सौदागर लाइन में साड़ी शोरूम है। 28 सितंबर को डाक से एक पत्र मिला। एक कुख्यात के नाम से एक करोड़ की रकम एक अक्टूबर को इटावा में पहुंचाने को कहा था। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में सदर के मधु नगर निवासी नरेश चंद्र और उनके साथी इटावा के भरथना निवासी विपिन कुमार और बकेवर निवासी प्रवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। नरेश मूल रूप से इटावा का रहने वाला है। एसएसपी बबलू कुमार ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि एसएवी इंटर कॉलेज भरथना (इटावा) से बर्खास्त प्रधानाचार्य नरेश चंद्र गैंग का सरगना है। शातिरों ने पहले सदर और कोतवाली क्षेत्र में जाकर पहले व्यापारियों के यहां से सामान खरीदने के बहाने रेकी की। इसके बाद उन्हें निशाना बनाया। संजय प्लेस स्थित डाकघर से नरेश चंद्र ने 27 सितंबर को दो पत्र पोस्ट किए। इनमें से एक पत्र सदर में साड़ी शोरूम के लिए और दूसरा कोतवाली क्षेत्र में एक सर्राफ के शोरूम के लिए भेजा। कपड़ा व्यवसायी को पत्र 28 सितंबर को मिल गया। उसमें एक अक्टूबर को एक करोड़ रुपये इटावा में पहुंचाने को कहा था। जबकि सर्राफ को भेजा गया पत्र एक अक्टूबर को मिला। इसमें तीन अक्टूबर को रकम इटावा में पहुंचाने को कहा गया। दोनों व्यापारियों को मध्यप्रदेश की एक जेल में बंद एक कुख्यात के नाम से पत्र भेजे थे, डरकर रंगदारी पहुंचा दें।
एक करोड का बैग लेकर पहुंची पुलिस टीम
मंगलवार को पुलिस टीम को इटावा रवाना किया गया। इसमें शामिल सिपाही मुख्तार सिंह को पत्र में मिले निर्देश के मुताबिक लाल रंग की शर्ट और काला पेंट पहनाया गया। काले रंग के बैग को लेकर पुलिस इटावा में पहुंच गई। वहां रेलवे स्टेशन से तीन किमी की दूरी पर एक पुल के नीचे बैग फेंकने को कहा गया था। यहां सब इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र शर्मा टीम के साथ घेराबंदी करके खड़े थे। जिस ट्रेन से शातिरों ने रंगदारी लेकर आने को कहा था वह नौ बजे वहां पहुंची। पुलिस टीम ने वहां सात बजे सुबह ही पहुंचकर घेराबंदी कर ली। नरेश चंद्र अपने साथियों के साथ वहां एक करोड़ रुपये से भरा बैग लेने आया था। पुलिस ने उसे दो साथियों के साथ दबोच लिया।