आगरालीक्स ..आगरा के हाई प्रोफाइल डॉ टंडन फैमिली विवाद में डॉ अनुराग टंडन और उनकी डॉक्टर पत्नी ने जान का खतरा बताया है, एसएसपी कार्यालय में सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपित भाई डॉ अमित टंडन सहित अन्य को अरेस्ट करने की मांग की है।
आगरा के डॉ कमलेश टंडन के बडे बेटे डॉ अमित टंडन संचालक डॉ कमलेश टंडन हॉस्पिटल और छोटे बेटे डॉ अनुराग टंडन संचालक सनराइज पैथोलॉजी के बीच प्रोपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था, छह सितंबर को घर में कैमरे लगाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि डॉ अमित टंडन ने डॉ अनुराग टंडन के सिर में रॉड से हमला किया, उनकी पत्नी डॉ वैशाली टंडन और कर्मचारी राहुल ने अनुराग टंडन के हाथ पकड लिए। डॉ अनुराग टंडन को गंभीर हालत में पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इस मामले में डॉ अमित टंडन, डॉ वैशाली टंडन, कर्मचारी राहुल सहित पांच पर धारा 307 में मुकदमा दर्ज किया गया।
एसएसपी कार्यालय में की शिकायत, जान को खतरा
इस मामले में डॉ अनुराग टंडन और डॉ पारुल टंडन ने एसएसपी कार्यालय में अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है, उनका कहना है कि इलाज के लिए जाते समय कुछ लोग उनका पीछा करते हैं, वे उनकी जान ले सकते हैं, समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने हमले में आरोपित बडे भाई डॉ अमित टंडन सहित अन्य को अरेस्ट करने की मांग की है।
307 धारा हटाकर धारा 308 की, डॉ वैशाली टंडन का नाम हटाया
इस मामले में कार्रवाई न होने पर आईजी ए सतीश गणेश ने 25 सितंबर को दो दिन का अल्टीमेटम दिया, इससे पहले ही डॉ अमित टंडन और कर्मचारी राहुल भूमिगत हो गया। इस मामले में धारा 307 को हटाकर 308 में तरमीम कर दिया, इस मामले में डॉ वैशाली टंडन का नाम निकाल दिया गया। पुलिस ने डॉ अमित टंडन का गैर जमानती वारंट लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे पुलिस की सत्यनिष्ठा संदेह में आ गई, डॉ अमित टंडन को लाभ पहुंचाने के लिए जिससे उन्हें जमानत मिल जाए। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि मुकदमे में निर्देश के बाबजूद कार्रवाई नहीं की गई, धारा 307 को 308 में तरमीम करने पर इंस्पेक्टर हरीपर्वत प्रवीन कुमार मान और चौकी इंचार्ज अनिल कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है।