आगरालीक्स… आगरा में धनतेरस से दीपोत्सव शुरू हो गया है, जाने पूजा का शुभ मुहूर्त और दीपोत्सव की पूजा का विधि विधान।
छोटी दीपावली
26 अक्तूबर को छोटी दीपावली मनाइ जाएगी, इसे नरक चतुर्दशी कहा जाता है। हनुमानजी का पूजन करें, उन्हें चोला अर्पित करें। उनकी कृपा बरसेगी। शाम के समय देहरी पर पांच, सात या 11 दीए जलाएं, इससे सुख शांति एवं समृद्धि आती है। इसे रूप चौदस के रूप में भी मनाए जाने की परंपरा है। सुबह तेल लगाकर स्नान करने से सौंदर्य बना रहता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इस दिन वामन के रूप में अवतार लिया था।
दीपावली पर रात छह से साढे आठ बजे तक मुहूर्त
दीपावली पर समुद्र मंथन के समय महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। सुख, शांति एवं समृद्धि पाने का सबसे शुभ दिन है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं घरों में गणेशजी, महालक्ष्मी, महासरस्वती का विधि विधान से पूजन की जाती है।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए सुबह 8:15 से 940 का मुहूर्त है। इसके बाद 9:40 से 12:25 तक लाभ अमृत बेला है। 12 से 12:15 तक अभिजीत मुहूर्त है। 1:45 से तीन बजे तक भी शुभ मुहूर्त है। घरों में पूजन का मुहूर्त शाम को छह से रात साढ़े आठ बजे तक का है।
गोवर्धन पूजा 28 की रात को
गोवर्धन अन्नकूट पूजा 28 को
दिवाली से अगले दिन गोवर्धन अन्नकूट पूजा होगी। ब्रज में इसका खास महत्व है। कहा जाता है कि इंद्र ने कोप में आकर घनघोर वर्षा की थी। ब्रजवासियों को बचाने के लिए भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को धारण किया था। गिरिराज धरण की पूजा की जाती है। उनको भोग लगाया जाता है।
भैया दूज 29 को
भाई बहन के पावन प्रेम का यह पर्व 29 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन भाई-बहन यमुना में साथ स्नान करते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से यम के फंद से मुक्ति मिल जाती है। प्राणी की अकाल मृत्यु नहीं होती है।