आगरालीक्स.. आगरा के डॉक्टर परिवार की पॉजिटिव सोच से देश दुनिया में रेनबो हॉस्पिटल की अलग ही पहचान है। इसी सोच के साथ शुक्रवार को रेनबो हॉस्पिटल का स्थापना दिवस मनाया गया। रेनबो हाॅस्पिटल की प्रमुख डा. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि चिकित्सा पेशे में आए लोगों को सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर काम करना चाहिए। पूरी शिद्दत के साथ मरीज के लिए काम करना ही हमारा मुख्य मकसद होना चाहिए।
मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम ने 62, मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और रेनबो आईवीएफ ने 22 और रेनबो अस्पताल ने अपना 08 वर्ष का सफर पूरा कर लिया है। हर साल इस मौके को बडे ही उत्साह के साथ रेनबो-डे के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह विशेष दिन समाज, मानवता और भावनाओं को समर्पित था। सर्वप्रथम रेनबो ग्रुप के चेयरमैन डा. आरएम मल्होत्रा ने उपस्थितजनों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया और कर्तव्य पथ पर चलते रहने के लिए प्रेरित किया। अस्पताल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि कहा कि शीर्ष चिकित्सकीय नेतृत्व जहां इस अस्पताल की शान है, वहीं सामाजिक गतिविधियों में हमारी सहभागिता हमारी पहचान है। विज्ञान और समाज के बीच इसी पुल का नाम है ‘रेनबो‘। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. आरसी मिश्रा ने कहा कि रेनबो हाॅस्पिटल को हमने जिस सपने के साथ शुरू किया था, बडे़ ही गर्व से हम कह सकते हैं वह सपने हमने सच किए हैं। मरीजों और अपने काम के प्रति समर्पण का नाम ही रेनबो है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत उन्होंने अपनी ओर से अस्पताल को 10 हजार कपडे़ के थैले प्रदान किए।
संचालन अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डा. राजीव लोचन शर्मा और लीडर्स आगरा के सुनील जैन ने किया। उन्होंने कहा कि मरीज पीडा में होता है। ऐसे परेशान लोगों के लिए हमारा समर्पण भाव ही हमारी पहचान है। इस अवसर पर डा. वंदना कालरा, डा. प्रेमाशीष मजूमदार, डायटीशियन रेनुका डंग, डा. मनप्रीत शर्मा, डा. शैमी बंसल, डा. हिमांशु यादव, डायटीशियन सोनल भार्गव, तरूण मैनी, लवकेश गौतम, अमृतपाल सिंह चड्ढा, सुदीप पुरी, केशवेंद्र सिसौदिया, विश्वदीपक, जगमोहन गोयल, नवनीत उपाध्याय, धर्मेंद्र, मनोज, सचिन आदि मौजूद थे।

रेनबो हाॅस्पिटल में नई शाखा रेनबोमिक्स शुरू
कार्यक्रम के मध्य में मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश कीं सदस्य निर्मला दीक्षित ने अस्पताल परिसर में नई शाखा रेनबोमिक्स और पीआईसीयू का उदघाटन किया। कहा कि बहुत कम समय में ही रेनबो हाॅस्पिटल ने अपनी पहचान वैश्विक स्तर पर बनाई है। यहां नर्सिंग स्टाॅफ से लेकर सफाई, हाॅस्पिटल एक्वाॅयर्ड इनफेक्शन से बचाव सभी चीजों का पूरा ध्यान रखा जाता है। इस सेंटर को हांगकांग के डा. विन्सी जीओ, डा. सौरव कुंडू, मुंबई कीं डा. मंजीत मेहता, डा. कनिका बंसल और डा. अनु यादव संचालित करेंगे। उन्होंने बताया कि माता-पिता से विरासत में मिलने वाले जीन्स में से कुछ हमारी सेहत पर भी असर डालते हैं। कुछ रोग हैं, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। आजकल बच्चों में जेनेटिक बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। थैलीसीमिया, हिमोफीलिया, मानसिक मंदता, लंबाई रूकना जैसी कई बीमारियां बच्चों को घेर रही हैं। लेकिन इन बीमारियों का बच्चे के जन्म से पहले पता लगाया जा सकता है। हैल्दी और नाॅर्मल बच्चे को जन्म देने के लिए प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले जेनेटिक काउंसलिंग जरूर करानी चाहिए। अगर आप सोचते हैं कि इन रोगों से जूझना आपकी या आपकी होने वाली संतान की नियति है तो एक बार सही तथ्य जरूर जान लें। रेनबो हाॅस्पिटल में नियमित जेनेटिक क्लीनिक रेनबोमिक्स की शुरूआत की गई है। इसका उद्घाटन स्थापना दिवस के दिन किया गया।
इन्हें मिले अवाॅर्ड
- द्रौपदी मैमोरियल अवाॅर्ड उपनिषद संस्था कीं नूतन बजाज को
- हरबंश कौर अवाॅर्ड ईवेंटिक ईवेंट्स कीं शिखा जैन को
- डा. प्रभा मल्होत्रा मैमोरियल अवाॅर्ड प्रारंभ वेलफेयर सोसायटी को
- निर्मल मल्होत्रा अवाॅर्ड डा. मो. आहद को
- कैलाश सिंह अवाॅर्ड गुथरी, जाॅन्सन और जेम्स को
- सविता मल्होत्रा अवाॅर्ड लिटिल चिपर इंटरनेशनल को
- तृपित कौर बिंद्रा अवाॅर्ड एकता जैन को
- सायरबाई कोचर अवाॅर्ड ज्योति कुलश्रेष्ठ को
- केसर कुंवर पंचोली अवाॅर्ड लीडर्स आगरा कीं वंदना सिंह को
- उसची जैसमिन अवाॅर्ड आशीर्वाद चाइल्ड डिफेंस टीम कीं तुषा शर्मा को
- इंद्रा गुलाटी अवाॅर्ड सोविटास हैल्थकेयर कीं अमिषा को
- मोस्ट एक्टिव स्मृति वर्कर अवाॅर्ड नवीन कडेचा को