आगरालीक्स ..आगरा में डॉ टंडन फैमिली विवाद में डॉ अमित टंडन आखिरी दांव खेल दिया है। सुप्रीमकोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है। वहीं, आगरा में सोमवार को उनके समर्पण प्रार्थनापत्र पर सुनवाई थी। कोर्ट ने 10 जनवरी तक का समय दिया है। वहीं, डॉ वैशाली टंडन ने अपना मेडिकल नहीं कराया है।
सोमवार को सीजेएम लोकेश नागर की कोर्ट में उनके समर्पण प्रार्थना पत्र पर सुनवाई थी। अपने अधिवक्ता कृष्णकांत शर्मा के माध्यम से उन्होंने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें लिखा कि विवेचना अब आगरा से होगी। समाचार पत्र से यह जानकारी मिली है। ऐसी स्थिति में कानपुर नगर की आख्या आना भी जरूरी है। इस संबंध में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। जो विचाराधीन है। एसएलपी के निस्तारण और कानपुर की आख्या आने तक समर्पण को करीब सात दिन का समय दिया जाए।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद दस जनवरी की तारीख दी है। अपने आदेश में थाना प्रभारी हरीपर्वत से स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी लिखा है कि दस जनवरी को समर्पण नहीं किया तो प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया जाएगा। वहीं अधिवक्ता कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी इस मुकदमे में नया मोड़ ला सकती है। उनके पक्षकार पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं। यह मामला दो भाइयों के बीच का है।
रात को पुलिस ने दी दबिश
थाना हरीपर्वत पुलिस ने सोमवार रात को फिर से डॉक्टर टंडन के घर पर दबिश दी। लेकिन वह फरार थे। एक बार फिर से पुलिस के बैरंग वापस लौटना पड़ा।
वैशाली टंडन नहीं करा रहीं मेडिकल
हरीपर्वत पुलिस के पास एक नहीं दो मुकदमे हैं। एक अमित टंडन के खिलाफ है। दूसरा मुकदमा कोर्ट के आदेश पर हुआ। इसमें डॉक्टर अनुराग टंडन और उनकी पत्नी डॉक्टर पारुल टंडन नामजद हैं। इस मुकदमे में डॉक्टर वैशाली टंडन वादी हैं। मुकदमे में गर्भपात और छेड़छाड़ की भी धारा लगी है। छेड़छाड़ के मुकदमे में मेडिकल कराया जाना अनिवार्य है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत अजय कौशल ने बताया कि डॉक्टर वैशाली टंडन ने अभी तक अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। मेडिकल भी नहीं करा रही हैं। वह हर बार कोई न कोई बहाना बना देती हैं। यह बोल रही हैं कि उनका स्वास्थ्य खराब है।
यह है मामला
डॉ कमलेश टंडन के बडे बेटे डॉ अमित टंडन और छोटे बेटे डॉ अनुराग टंडन में घर में सीसीटीवी को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि छह सितंबर 2019 को डॉ अमित टंडन ने सीसीटीवी लगाने से डॉ अनुराग टंडन को रोक दिया, इसे लेकर विवाद बढ गया। डॉ अमित टंडन ने अपने कर्मचारी राहुल से घर में लगे सीसीटीवी हटाने के लिए कहा, आरोप है कि डॉ अमित टंडन की पत्नी डॉ वैशाली टंडन ने डॉ अनुराग टंडन को पकड लिया और डॉ अमित टंडन ने उनके सिर पर रोड से तबाडतोड हमला किया। इससे डॉ अनुराग टंडन के सिर में फ्रैक्चर हो गया, उन्हें गंभीर हालत में पुष्पांजलि हॉस्पिटल के आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था। डॉ अमित टंडन उनकी पत्नी डॉ वैशाली टंडन, कर्मचारी राहुल सहित पांच पर जानलेवा हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।