आगरालीक्स …आगरा के नगर निगम में सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन में 22.65 करोड़ रुपये का घोटाला, आनन फानन में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का उठान करने वाली पांच कंपनियों को हटाकर काली सूची में डाला जा रहा है। संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और रिकवरी के आदेश दिए गए। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी सहित अन्य को प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश हुए। राजीव से अतिरिक्त काम भी छीन लिए गए हैं।
आगरा के नगर निगम में सोमवार को डोर टू डोर कूडा कलेक्शन की जांच रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक 100 में से 83 वार्डो में कंपनियों ने 24 माह तक कूड़ा कलेक्शन किया। 14 माह के भीतर कंपनियों ने निगम के खाते में 1.68 करोड़ रुपये जमा कराए, जबकि निगम ने इन्हें 22.65 करोड़ रुपये का भुगतान किया। भुगतान से पूर्व कंपनियों द्वारा उपलब्ध सूची का सत्यापन नहीं कराया गया। जांच में 43 फीसद एड्रेस गलत थे। जबकि 37 फीसद भवन स्वामी का नाम गलत था। दस फीसद ऐसे लोग थे, जिन्होंने कूड़ा देने से इन्कार कर दिया था। मेयर नवीन जैन का कहना है कि कंपनियों ने 10 फीसद क्षेत्रों से कूड़े का उठान किया है। 90 फीसद क्षेत्र के फर्जी बिल लगाकर 22.65 करोड़ रुपये का भुगतान ले लिया। पांचों कंपनियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पर्यावरण अभियंता राजीव राठी, जोनल सेनेटरी इंस्पेक्टर, सेनेटरी इंस्पेक्टर और सुपरवाइजरों को प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश दिए हैं।
इन कंपनियों पर कार्रवाई
अरवा एसोसिएट, ओम मोटर्स, स्पाक ग्लोबल, सेवा, एसआरएमटी