आगरालीक्स.. आगरा के पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मयंक अग्रवाल और पुनीत अग्रवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। ये दोनों काफी समय से एनआरआई से 3.32 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2018 में गाजियाबाद निवासी यतीश अग्रवाल ने पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व पीपी बिल्डकोन के निदेशक पुनीत अग्रवाल, वीडी अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के खिलाफ फेज तीन थाने में 3.32 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। पुलिस को दी शिकायत में यतीश ने बताया था कि वह परिवार के साथ साइप्रस में रहते थे।
उन्होंने अपने पिता आगरा और हाल इंदिरापुरम के शक्ति खंड निवासी सीबीएल अग्रवाल को आगरा में करीब सवा तीन करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदने को कहा। इस पर उन्होंने आगरा के प्रॉपर्टी डीलर ध्रुव सैनी से मुलाकात की। सैनी ने उनकी मुलाकात पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व पीपी बिल्डकोन के निदेशक पुनीत अग्रवाल, वीडी अग्रवाल और मयंक अग्रवाल से कराई। प्रॉपर्टी दिखाने के लिए आफिस में फाइनेंस और अन्य काम देखने वाले आनंद मोहन व मनीष को भेजा। प्रॉपर्टी की एवज में उन्होंने अपने बेटे यतीश अग्रवाल और पुत्रवधू के एनआरआई खाते से 3 करोड़ 32 लाख 87 हजार रुपये का चेक सेक्टर-63 स्थित ई-48 में स्थित आरोपियों के ऑफिस में दे दिए। लेकिन बाद में पता चला कि उनकी प्रॉपर्टी किसी और के नाम पर है। शिकायत करने पर अन्य प्लॉट दिए गए, लेकिन उनमें भी फर्जीवाड़ा था। रकम फंसने पर एनआरआई ने एसएसपी से शिकायत की और उन्हीं के निर्देश पर फेज-तीन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में कोर्ट ने आरोपियों को पेश होने के लिए कई बार नोटिस भेजे, लेकिन वह नहीं आए। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने पुनीत और मयंक अग्रवाल के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिए हैं और इस मामले में अगली सुनवायी दो मार्च को होगी।