आगरालीक्स…आगरा के 2442 शिक्षामित्रों का वेतन 10 हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ. सूरसदन में हुआ प्रशस्ति पत्र देकर किया शिक्षामित्रों का सम्मान
प्रदेश के 1.43 लाख आगरा के 2442 शिक्षामित्रों का वेतन इस माह से 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार हो गया है. मंगलवार केा आगरा के सूरसदन में शिक्षामित्रों को मानदेय का चैक व प्रशस्तिपत्र देकर जनपद के शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का,गोरखपुर से सजीव प्रसारण भी किया गया. शिक्षा मित्रों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि प्रदेश में लगभग 1,43,000 शिक्षामित्रों का मानदेय योगी सरकार द्वारा बढ़ाया गया है। उन्होंने ₹10000 से बढ़ाकर ₹18000 किए जाने पर सरकार का आभार व्यक्त किया तथा सभी शिक्षामित्रों को इस महत्वपूर्ण मानदेय वृद्धि के लिए बधाई दी.उन्होंने कहा कि यदि इस बढ़े हुए मानदेय का उपयोग बच्चों की शिक्षा पर किया जाए, तो उसका लाभ भविष्य में कई गुना होकर वापस मिलेगा. उन्होंने कहा, “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीता है वही दहाड़ता है.” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाएं. यदि शिक्षामित्र अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देंगे, तो भविष्य में उनके बच्चे उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं, यहां तक कि बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) भी बन सकते हैं.
मंत्री महिला एवं बाल विकास बेबी रानी मौर्य ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षामित्रों को मात्र ₹3000 मानदेय मिलता था, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर ₹18000 कर दिया है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार शिक्षामित्रों का ध्यान रख रही है, उसी प्रकार शिक्षामित्रों को भी परिषदीय विद्यालयों में “स्कूल चलो अभियान” के तहत अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय लाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार भी दिए जाएं. सरकार द्वारा बच्चों के यूनिफॉर्म एवं अन्य सुविधाओं के लिए ₹1200 सीधे उनके खातों में भेजे जा रहे हैं. यह सुनिश्चित करना अभिभावकों और शिक्षकों दोनों की जिम्मेदारी है कि बच्चे उचित वेशभूषा में विद्यालय आएं. उन्होंने कहा कि जब बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया जाएगा, तभी वे नियमित रूप से विद्यालय आएंगे और “स्कूल चलो अभियान” सफल होगा। शिक्षित बच्चे ही देश का उज्ज्वल भविष्य बनाएंगे.कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गोंड, प्राचार्य डाइट अनिरुद्ध सिंह, नगर शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे.