आगरालीक्स ..आगरा में डॉक्टर दंपति की बडी लापरवाही, अमेरिका से लौटे बेटे की कंट्रोल रूम में नहीं दी सूचना, बेटे में कोरोना की पुष्टि, डीएम ने डॉक्टर पति पत्नी और बेटे पर सेक्शन 188 की धारा 269, 270 के तहत थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराने के दिए आदेश।
आगरा के बाईपास स्थित हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर दंपति का 21 साल का बेटा टेनिस का खिलाडी है, वह मिनेसोटा अमेरिका से स्नातक कर रहा है। 20 मार्च को अमेरिका से दुबई और वहां से दिल्ली पहुंचा। 21 मार्च को सुबह आगरा आ गया, हॉस्पिटल में ही डॉक्टर का घर है। वह अपने डॉक्टर पिता और मां के साथ हॉस्पिटल में अपने घर पर रह रहा था, 25 मार्च को उसके पिता जिला अस्पताल में कोरोना वायरस की आशंका पर जांच कराने ले गए, 26 मार्च को कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस के साथ पहुंच गई। डॉक्टर के बेटे को एसएन के आइसोलेशन वार्ड मे भर्ती कर दिया है। यहां पहले से रेलवे कॉलोनी निवासी युवती का इलाज चल रहा है।
डॉक्टर दंपति, तीन मरीज सहित हॉस्पिटल स्टाफ भी किया भर्ती
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉक्टर दंपति हॉस्पिटल में भर्ती मरीज, उनके साथ के लोग और कर्मचारियों को एसएन में भर्ती करा दिया है, सभी के सैंपल लिए गए हैं।
डीएम ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश
डीएम प्रभु एन सिंह ने सीएमओ डॉ मुकेश वत्स को आदेश दिए हैं कि डॉक्टर दंपती ने अमेरिका से लौटे बेटे में कोरोना के लक्षण होने के बाद भी कंट्रोल रूम पर सूचना नहीं दी, वे मरीज देखने के साथ अन्य कार्य भी करते रहे, यह गंभीर मामला है। इस मामले में सेक्शन 188 के तहत 269 और 270 में मुकदमा दर्ज कराया जाए। इन दोनों धाराओं में छह महीने से दो साल की सजा का प्रावधान है।
कोरोना छिपाने पर दूसरा मुकदमा
आगरा में पहला केस तीन मार्च को आया था, खंदारी निवासी जूता कारोबारी उनके दोनों बेटे, बेटे की पत्नी और नाती में कोरोना का संक्रमण मिला था, जूता फैक्र्टी में कार्यरत मैनेजर और पत्नी में भी कोरोना की पुष्टि हुई थी, ये सभी ठीक हो चुके हैं। 13 मार्च को रेलवे कॉलोनी में अपने पिता के घर बेंगलुरु से आई युवती में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी, स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे एसएन में भर्ती कराने के लिए पहुंची, युवती के पिता ने टीम को गुमराह कर दिया कह दिया कि वह ट्रेन से दिल्ली चली गई है, तीन घंटे बाद युवती घर से निकल आई थी। उसका एसएन में इलाज चल रहा है। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से कोई नया केस नहीं आया था, यह आगरा का 9 वां केस है।