आगरालीक्स.. आगरा की डॉ दीप्ति अग्रवाल की मौत के मामले में डॉ सुमित अग्रवाल को जेल भेजने के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई ना किए जाने पर डॉ नरेश मंगला ने जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। इसके लिए डीजीपी को पत्र लिखा है।
आगरा में तीन अगस्त को विभव वैली व्यू निवासी एनेस्थीसिया की चिकित्सक डॉ दीप्ति अग्रवाल फंदे पर लटकी मिली थी, उनके पति डॉ सुमित अग्रवाल ने गेट तोडकर उन्हें पफंदे से उतारा और अपने अस्पताल में भर्ती किया, यहां से उन्हें गंभीर हालत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। वहां सात अगस्त को उनकी मौत हो गई, फरीदाबाद में ही उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग
थाना ताजगंज के प्रभारी नरेंद्र कुमार का कहना है कि फरीदाबाद से पुलिस टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर आई है, इस रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है यानी फांसी लगने से मौत, इससे पूरा मामला आत्महत्या का लग रहा है। इस मामले की विवेचना सीओ सदर कर रहे हैं।
डॉ दीप्ति के आईफोन का नहीं खुला लॉक
पुलिस को सुसाइड नोट मिला था, डॉ दीप्ति का आईफोन भी जब्त किया है। इसकी जांच के लिए लॉक खोलने के प्रयास किए गए लेकिन लॉक नहीं खुल सका।