आगरालीक्स.. आगरा में मिठाई खरीदने पर एक्सपायरी डेट चेक कर लें, प्रतिष्ठित मिष्ठान विक्रेताओं ने ट्रै पर एक्सपायरी डेट लिखना शुरू कर दिया है।
आगरा में आप मिठाई अथवा पेठा-दालमोंठ खऱीदने जा रहे हैं तो आपको प्रमुख कारोबारियों की दुकानों पर स्वीट एक्सपायरी डेट लिखी हुई मिलेगी। बड़े मिठाई कारोबारियों ने फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है। कारोबारी इस नियम को पूरी तरह अव्यवहारिक बता रहे हैं। मिठाई की गुणवत्ता मौसम समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। कारोबारियों द्वारा शीघ्र ही विरोध की रणनीति भी तय की जाएगी।
कोरोना की मार से अभी पूरी तरह से उबर भी नहीं सके मिठाई कारोबारियों पर एक और मार पड़ी है, जिसमें एक अक्टूबर से मिठाइय़ों की एक्सपायरी डेट को अनिवार्य कर दिया है। इसे देखते हुए आगरा के प्रमुख मिठाई और पेठा व्यवसाइयों ने एक्सपायरी डेट मिठाई की ट्रे और डिब्बों पर लिखना शुरू कर दिया है।
नियमों का पालन मगर अव्यवहारिक
आगरा स्वीट्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं भगत हलवाई नेहरू नगर (अंजना टाकीज) के संचालक यश भगत ने बताया कि सरकार के नियमों का पालन करते हुए मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लगाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मिठाई तो वैसे भी फ्रेश बनाई जाती है और उसीके अनुरूप बिक्री भी की जाती है। मिठाई को तैयार करने में उच्चतम स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाता है। लेकिन मिठाई की एक्सपायरी डेट का निर्णय पूरी तरह से अनुचित और अव्यवहारिक है क्योंकि मिठाई की गुणवत्ता, मौसम, रखरखाव के तरीके आदि पर ही सुरक्षित रह सकती है। सरकार के इस निर्णय को इस पुनर्विचार करने की जरूरत है। नेशनल स्तर पर हमारी एसोसिएशन ने विरोध का निर्णय लिया है। आगरा में भी एसोसिएशन सभी पदाधिकारियों से बातकर फैसला लिया जाएगा।
पेठा कारोबार पर एक औऱ मार
गोपालदास पेठेवालों के संचालक अमित गोयल ने बताया कि कोरोना की मार से अभी पेठा कारोबार उबर भी नहीं सका है, सरकार के नियम से कारोबारियों पर एक और मार पड़ी है। पेठे से बनी मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखना शुरू कर दिया गया है। पेठा भी कई किस्म और तरीकों से तैयार किया जाता है, जिसमें उसकी अवधि भी अलग-अलग होती है, उनका कहना है कि यह एक तरह से कारोबार पर मार है। दुकानदार को महंगी मशीन खरीदकर लाने के साथ तुरंत ही उस पर एक्सपायरी डेट को लिखना पड़ रहा है। इसके साथ ही एक अतिरिक्त आदमी की भी व्यवस्था की गई है। मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट का निर्णय बिलकुल भी सही नहीं है।
मिठाई की गुणवत्ता कई परिस्थितियों पर निर्भर
भगत हलवाई एमजी रोड के संचालक शिशिर भगत का कहना है कि मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट प्रिंट कराना शुरू कर दिया है लेकिन यह नियम पूरी तरह अव्यवहारिक है। ग्राहक भी इस बात को जानता है लेकिन सरकार ने बिना सोचे-समझे इस निर्णय को लिया है। मिठाई की एक्सपायरी तापमान, पेकिंग समेत कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है। उदाहरण स्वरूप गर्मी के 45 डिग्री सेल्सियस पर कोई ग्राहक रसमलाई खरीदकर निकलता है और रास्ते में अन्य शॉपिंग आदि कार्य करने में तीन-चार घंटे का समय लग जाता है तो कुछ घंटे पूर्व ही बनी मिठाई की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
गिफ्ट पैक को लेकर भी सजगता जरूरी
गिफ्ट पैक खऱीदने के बाद पेकिंग को हटाए बिना ग्राहक उसे फ्रिज आदि में स्टोर करता है तो उस पर भी असर पड़ सकता है। बूंदी के लड्डू भी इसी तरह हैं। पिस्ता भी जरा देर में फंगस को पकड़ सकता है। मिठाई कारोबारी बेहतर गुणवत्ता के साथ सामान तैयार कर रहे हैं फिर भी मेवे से बनी मिठाइयां, बालूशाही, मेवावाटी, सोनपपड़ी, शुद्ध घी से बनी मिठाइयों की एक्सपायरी डेट अलग अलग रखी गई है। इनकी अवधि एक सप्ताह से एक माह तक हो सकती है लेकिन ग्राहक आज बनी हुई डेट की मिठाई की खरीदारी करना चाह रहा है।
दो लाख के जुर्माने का प्रावधान
फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) को पहले यह निर्णय जून माह से लागू करना था लेकिन कोरोना के कारण इसे एक अक्टूबर से लागू किया गया है। नए नियम के मुताबिक पुरानी मिठाई बेचने वाले हलवाई पर अधिकतम दो लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
छोटे कारोबारियों को मुश्किल
आगरा में छोटे मिठाई कारोबारियों को इस नियम को लागू कर पाना बेहद कठिन काम है। छोटे कारोबारियों का कहना है कि उनका तो रोज सामान बनता है और बिकता है। मिठाई पर एक्सपायरी डेट कैसे लगाएं हमारी तो समझ से बाहर है। साथ ही हलवाइयों को एक्सपायरी डेट की आड़ में उन्हें परेशान करने वाली घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।