बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर राजग में अभी पेच फंसा हुआ है लेकिन महागठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है।
बदली सी है बिहार में चुनावी बयार
बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इस बार चुनावी फिजा बदली-बदली सी है। राज्य में नितीश के नेतृत्व वाले एनडीए में सीटों के बंटवारे पर आम सहमति नहीं बन पाई है। राजग में शामिल पासवान की पार्टी लोजपा सीटों को लेकर गठबंधन से बाहर होने की धमकी दे रही है, लेकिन राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन में सहमति बन गई है। 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद 143 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि कांग्रेस 17 सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करेगी। राजद अपने कोटे से मुकेश सहानी की विकासशील इंसान पार्टी को सीटें देगी। समझा जाता है कि 10 से 12 सीटें सहानी को मिलेंगी। वामदलों को भी 28 से 30 सीटें मिलेंगी।
उभर रहे नए गठबंधन
राज्य में मुख्य मुकाबला नीतेश के नेतृत्व वाले राजग और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच है, लेकिन कई और गठबंधन भी उभार ले रहे हैं, जो दोनों गठबंधनों को खेल को बिगाड़ भी सकते हैं। वहीं महागठबंधन में शामिल उपेंद्र कुशवाह की पार्टी गठबंधन से बाहर हो चुकी है। कुशवाह बसपा के साथ मिलकर नया गठबंधन बनाने की कोशिश में हैं।
लालू की खलेगी कमी
इस बार चुनाव में न तो बड़ी-बड़ी चुनानी रैलियां होंगी न ही चुनावी नारों का शोर सुनाई देगा। चुनाव प्रचार वर्चुअल रैलियों और पांच लोगों के साथ जनसंपर्क के जरिये ही होगा। हालांकि नितीश कुमार खुद तो चुनाव प्रचार में शामिल होंगे लेकिन लेकिन पिछले कई दशकों से सक्रिय लालू प्रसाद यादव जैसे कई चेहरे चुनाव प्रचार करते नहीं दिखाई देंगे, जो अपने भाषणों से राजनीतिक माहौल को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखते हैं।